Rewa News : रीवा। विंध्य क्षेत्र के लिए बहुप्रतीक्षित रीवा एयरपोर्ट पहली ही भारी बारिश में जमींदोज होने लगा है। बीते 48 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जहां जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बना दिए हैं, वहीं करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बने रीवा एयरपोर्ट की बाउंड्री वॉल का एक हिस्सा बारिश की वजह से धराशायी हो गया। बताया जा रहा है कि एयरपोर्ट क्षेत्र की जमीन अचानक धंस गई, जिससे दीवार भरभराकर गिर गई। एयरपोर्ट के शिलान्यास के बाद से इसे रीवा और आसपास के जिलों के लिए बड़ी सुविधा के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर अब सवाल खड़े होने लगे हैं।
डेढ़ साल में बना, पांच गांवों की जमीन ली गई
15 फरवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रीवा एयरपोर्ट का शिलान्यास किया था, और एयरपोर्ट को वर्चुअली जनता को समर्पित भी किया। इसका निर्माण भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) की देखरेख में किया गया, जिसमें पांच गांवों की कुल 323 एकड़ जमीन 99 साल की लीज पर ली गई है। एयरपोर्ट जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित है।
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प्रदेश का छठवां एयरपोर्ट
भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और खजुराहो के बाद रीवा प्रदेश का छठवां एयरपोर्ट बना, जिसे DGCA से संचालन की अनुमति मिली है। रनवे की लंबाई 2300 मीटर है। फिलहाल यहां से दो फ्लाइट्स का संचालन हो रहा है— एक फ्लाइट भोपाल से खजुराहो होते हुए रीवा आती है और फिर सिंगरौली जाती है। वहीं दूसरी फ्लाइट रीवा से जबलपुर होते हुए भोपाल जाती है। वर्तमान में यहां से केवल 19 सीटर विमान उड़ान भरते हैं, लेकिन भविष्य में 72 सीटर विमानों के संचालन की योजना भी बनाई गई है।
निर्माण की गुणवत्ता पर उठे सवाल
भारी बारिश के कारण बाउंड्री वॉल का गिरना न सिर्फ निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि आगामी मानसून सीजन के लिहाज से भी यात्री सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों की मांग है कि एयरपोर्ट परिसर के निर्माण की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
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50 साल के विजन के साथ बना एयरपोर्ट
सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, रीवा एयरपोर्ट को अगले 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन और विकसित किया गया है। लेकिन पहले ही मानसून में उसकी दीवार गिरने से यह दावा पूरी तरह खोखला नजर आ रहा है।











