Parliament Budget Session : ईंधन संकट पर लोकसभा में घमासान: राहुल गांधी ने छेड़ा ‘एपस्टीन’ का मुद्दा, सरकार का पलटवार

0
306

Parliament Budget Session : नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दौरान ईंधन सुरक्षा और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों पर चर्चा ने आज तीखा राजनीतिक मोड़ ले लिया। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर सीधा निशाना साधते हुए ‘एपस्टीन फाइल’ (Epstein files) का मुद्दा उठाया, जिसके बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच भारी गहमागहमी देखने को मिली।

राहुल गांधी का आरोप और स्पीकर की फटकार राहुल गांधी ने चर्चा के दौरान सरकार पर एग्रेसिव फंडिंग और समझौतों को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर निजी टिप्पणियां कीं, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें बीच में टोकते हुए सख्त हिदायत दी कि वे सदन के नियमों के भीतर रहकर ही चर्चा करें। राहुल गांधी ने दावा किया कि उनके पास दस्तावेज हैं जो ईंधन सुरक्षा और आर्थिक सुरक्षा को लेकर बड़े समझौतों की ओर इशारा करते हैं।

हरदीप पुरी का स्पष्टीकरण: “आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित” पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए देश को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा:

  • सुरक्षित आपूर्ति: “पड़ोसी देशों में भले ही तेल संकट हो, लेकिन भारत की कच्चा तेल आपूर्ति सुरक्षित है। हमें होर्मुज जलडमरूमध्य से पिछले दिनों की तुलना में अधिक कच्चा तेल प्राप्त हुआ है।”

  • उत्पादन में वृद्धि: मंत्री ने आंकड़े पेश करते हुए बताया कि पिछले 5 दिनों में भारतीय रिफाइनरियों ने LPG के उत्पादन में 28% की रिकॉर्ड वृद्धि की है।

  • नियंत्रण के उपाय: राज्यों को केरोसीन का अतिरिक्त स्टॉक उपलब्ध कराने का भरोसा देते हुए उन्होंने कहा कि ‘जरूरी सामान एक्ट’ के तहत कंट्रोल ऑर्डर लागू कर आपूर्ति को सुचारू बनाया जा रहा है।

संसदीय कार्य मंत्री की आपत्ति संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने विपक्ष पर चर्चा की दिशा भटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने गैस की कमी का विषय मांगकर चर्चा शुरू की, लेकिन राहुल गांधी मूल मुद्दे से हटकर बेबुनियाद बातें करने लगे।

निष्कर्ष: यह बहस इस बात का संकेत है कि विपक्ष आने वाले दिनों में ईंधन और आर्थिक सुरक्षा के मुद्दे को लेकर सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना चुका है। वहीं, सरकार हर संभव यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत के भंडार और रिफाइनरियां पूरी तरह तैयार हैं।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here