Tikamgarh Brotherhood: निशानेबाज न्यूज़ डेस्क- मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में ग्यारहवीं शरीफ के जुलूस के दौरान आपसी भाईचारे और सद्भाव का एक खूबसूरत नजारा देखने को मिला। जुलूस-ए-गौसिया जब छोटी देवी स्थित श्री गणेश जी की प्रतिमा के पास पहुंचा, तो वहां गणेश भजन बजाया गया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और माहौल में सौहार्द की तस्वीर देखने को मिली।
गणेश प्रतिमा के पास पहुंचा जुलूस
गौस-ए-आजम की ग्यारहवीं शरीफ के मौके पर शहर में जुलूस निकाला गया था। जुलूस-ए-गौसिया जब छोटी देवी इलाके में स्थित गणेश पंडाल के सामने पहुंचा, तो वहां डीजे पर ‘श्री गणेशाय देवा’ भजन बजाया गया।गणेश वंदना बजते ही वहां मौजूद लोगों का ध्यान इस ओर गया। जुलूस में शामिल लोगों और गणेश पंडाल के आसपास मौजूद लोगों ने एक-दूसरे का अभिवादन किया।
गूंजा गणपति बप्पा मोरया
गणेश पंडाल के सामने गणेश वंदना बजने के दौरान ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारे भी सुनाई दिए। इस दौरान दोनों समुदायों के लोगों के बीच आपसी मेल-जोल और सम्मान का माहौल नजर आया।मौके पर मौजूद लोगों ने इस दृश्य की सराहना की और इसे शहर में आपसी भाईचारे की मिसाल बताया।
बारिश के बीच दिखा सद्भाव
ग्यारहवीं शरीफ का जुलूस तेज बारिश के बीच निकला। बारिश के बावजूद लोग जुलूस में शामिल रहे। इसी दौरान गणेश पंडाल के सामने हुआ यह घटनाक्रम लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बन गया।जुलूस के दौरान अलग-अलग समुदायों के लोगों का एक-दूसरे के धार्मिक आयोजन के प्रति सम्मान दिखाना चर्चा का विषय रहा।
लोगों ने की जमकर सराहना
घटना के दौरान मौजूद लोगों ने कहा कि टीकमगढ़ में लंबे समय से आपसी प्रेम और भाईचारे की परंपरा रही है। गणेश पंडाल के सामने जुलूस के दौरान दिखा यह दृश्य इसी आपसी सद्भाव की तस्वीर पेश करता है।लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अलग-अलग धार्मिक आयोजनों के बीच सम्मान और सहयोग का माहौल समाज में सकारात्मक संदेश देता है।
सोशल सद्भाव का संदेश
टीकमगढ़ में सामने आया यह दृश्य धार्मिक आयोजनों के दौरान आपसी सम्मान और भाईचारे की तस्वीर के तौर पर देखा जा रहा है। जुलूस में शामिल लोगों और गणेश पंडाल से जुड़े लोगों के बीच जिस तरह अभिवादन और सम्मान का माहौल बना, उसने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा।तेज बारिश के बीच हुआ यह घटनाक्रम शहर में चर्चा का विषय बना रहा।






