Skin Care: चेहरे पर बार-बार नजर आने वाले ब्लैकहेड्स स्किन केयर से जुड़ी आम परेशानियों में से एक हैं। खासतौर पर नाक, ठुड्डी और गालों के आसपास ये छोटे-छोटे काले बिंदुओं के रूप में दिखाई देते हैं। आमतौर पर तब ब्लैकहेड्स बनते हैं, जब त्वचा के पोर्स में सीबम यानी प्राकृतिक तेल, डेड स्किन जमा होने लगती हैं।
ब्लैकहेड्स नजर आते ही कई लोग उन्हें हाथ से दबाकर निकालने लगते हैं या स्क्रब की मदद से त्वचा को बार-बार रगड़ते हैं। लेकिन ऐसा करना हमेशा फायदेमंद नहीं होता। ऐसे में ब्लैकहेड्स को हटाने के बजाय उनकी वजह को समझना और पोर्स की सही तरह से देखभाल करना ज्यादा जरूरी है।
सैलिसिलिक एसिड से करें शुरुआत
ब्लैकहेड्स की समस्या में सही क्लींजर का चुनाव अहम भूमिका निभा सकता है। इसके लिए 2 प्रतिशत सैलिसिलिक एसिड वाला जेल-बेस्ड फेस वॉश या क्लींजर इस्तेमाल किया जा सकता है। सैलिसिलिक एसिड एक ऐसा एक्टिव इंग्रीडिएंट है, जो त्वचा के पोर्स के भीतर मौजूद अतिरिक्त तेल और जमा पदार्थों को हटाने में मदद करता है। नियमित और सही इस्तेमाल से पोर्स को साफ रखने में मदद मिल सकती है और ब्लैकहेड्स दोबारा बनने की संभावना भी कम हो सकती है।
पोर्स के अंदर तक पहुंचने वाली देखभाल
सिर्फ चेहरे की ऊपरी सतह को साफ कर लेना ब्लैकहेड्स की समस्या के लिए पर्याप्त नहीं हो सकता। पोर्स के भीतर जमा तेल और डेड स्किन सेल्स को नियंत्रित करने के लिए रेटिनॉल जैसे स्किन केयर इंग्रीडिएंट का इस्तेमाल किया जाता है।कुछ मामलों में त्वचा विशेषज्ञ की सलाह से एडापलीन का उपयोग भी किया जा सकता है। हालांकि, इनका इस्तेमाल त्वचा के प्रकार और समस्या के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह से करना बेहतर है।
ब्लैकहेड्स को दबाने की गलती न करें
अगर ब्लैकहेड्स आसानी से नहीं निकल रहे हैं, तो उन्हें जोर लगाकर निकालने की कोशिश करने से बचना चाहिए। अतिरिक्त तेल को नियंत्रित करने के लिए क्ले मास्क का इस्तेमाल एक विकल्प हो सकता है। वहीं, एक्सट्रैक्शन टूल का इस्तेमाल करना हो तो उसे सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। गलत तकनीक या ज्यादा दबाव त्वचा को नुकसान पहुंचा सकता है।
ब्लैकहेड्स से बचने के लिए क्या करें?
ब्लैकहेड्स को बार-बार दबाने या स्किन को जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएट करने के बजाय एक नियमित और सौम्य स्किन केयर रूटीन अपनाना बेहतर है। चेहरे की सफाई, त्वचा के अनुरूप एक्टिव इंग्रीडिएंट का इस्तेमाल और जरूरत पड़ने पर डर्मेटोलॉजिस्ट की सलाह समस्या को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है।






