Rewa Collectorate Protest FIR : रीवा (17 फरवरी 2026): रीवा कलेक्ट्रेट परिसर के सामने कल यूजीसी (UGC) के समर्थन में आयोजित एक प्रदर्शन अब गंभीर कानूनी पचड़े में फंस गया है। प्रदर्शनकारियों द्वारा प्रशासन के विरोध में एक कुत्ते को ज्ञापन सौंपने और अभद्र टिप्पणियां करने की घटना ने सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में आक्रोश पैदा कर दिया है। इस अपमानजनक कृत्य के बाद सिविल लाइंस थाना पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए 300 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
क्या है पूरा विवाद?
कल यूजीसी के समर्थन में प्रदर्शनकारी घंटों कलेक्ट्रेट के सामने डटे रहे, जिससे शहर का यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इस दौरान विरोध दर्ज कराने के लिए प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर एक कुत्ते के गले में ज्ञापन बांधने और उसे प्रशासन का प्रतिनिधि बताने जैसी ‘मर्यादाहीन’ हरकत की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इसकी तीखी आलोचना हो रही है।
ब्राह्मण समाज और अधिवक्ताओं का आक्रोश
इस घटना को प्रशासनिक गरिमा और सामाजिक मूल्यों का अपमान बताते हुए ब्राह्मण समाज के अधिवक्ताओं ने मोर्चा खोल दिया है। आज बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने सिविल लाइंस थाने पहुँचकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि लोकतंत्र में विरोध का अधिकार सबको है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों या संस्थाओं के प्रति इस तरह का अमर्यादित आचरण स्वीकार्य नहीं है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सिविल लाइंस पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, रास्ता रोकने और अमर्यादित आचरण करने की धाराओं के तहत 300 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज की है। पुलिस अब धरना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
: वी. के. माला, अधिवक्ता
“विरोध का एक तरीका होता है, लेकिन रीवा में जो हुआ वह निंदनीय है। एक मूक पशु का उपयोग कर प्रशासन को नीचा दिखाना न केवल अमर्यादित है, बल्कि यह कानून का भी उल्लंघन है। हमने पुलिस से मांग की है कि वीडियो में दिख रहे चेहरों की पहचान कर उन पर कठोर कार्रवाई की जाए।”
: राजकुमार तिवारी, सब इंस्पेक्टर
“कल के प्रदर्शन के दौरान यातायात बाधित करने और अमर्यादित आचरण की शिकायत मिली थी। हमने करीब 300 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। वीडियो फुटेज के जरिए प्रदर्शनकारियों को चिन्हित किया जा रहा है, जल्द ही गिरफ्तारियां की जाएंगी।”













