Politics : राजनाथ सिंह का बड़ा बयान! बाबरी मस्जिद के लिए सरकारी धन देना चाहते थे नेहरू… बढ़ा राजनीतिक तापमान

0
1209
rajnath nehru
पटेल-नेहरू मतभेद फिर चर्चा में

नई दिल्ली: वडोदरा के पास साधली गांव में आयोजित एक जनसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने स्वतंत्र भारत के इतिहास से जुड़ा एक बड़ा राजनीतिक बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू अयोध्या में बाबरी मस्जिद का निर्माण सरकारी धन से कराना चाहते थे, लेकिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने इसका पूरा विरोध किया और यह प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ सका।

नेहरू और बाबरी मस्जिद पर राजनाथ सिंह का बड़ा दावा

राजनाथ सिंह ने कहा कि नेहरू सार्वजनिक धन का उपयोग धार्मिक निर्माण में करना चाहते थे, लेकिन सरदार पटेल ने इसे असंवैधानिक और जनभावना के खिलाफ बताते हुए रोक दिया।रक्षा मंत्री का कहना था कि “असली धर्मनिरपेक्षता वही है, जहाँ किसी धर्म का तुष्टीकरण न हो और जनता के विश्वास का सम्मान किया जाए।”

उन्होंने आगे कहा कि सोमनाथ मंदिर और राम मंदिर का पुनर्निर्माण जनता के सहयोग से हुआ, सरकार ने इन धार्मिक परियोजनाओं पर कोई खर्च नहीं किया।

Read More : Airports Check-In System Crashes : फ्लाइट्स में देरी, कई कैंसल! भारत के कई एयरपोर्ट्स पर तकनीकी गड़बड़ी से हड़कंप

पटेल-नेहरू के वैचारिक मतभेद उभरे फिर
राजनाथ सिंह के मुताबिक, नेहरू और पटेल कई राष्ट्रीय मुद्दों पर एकमत नहीं थे।
उन्होंने कहा कि 1946 में पटेल प्रधानमंत्री बनने की मजबूत स्थिति में थे, लेकिन गांधीजी के आग्रह पर उन्होंने यह मौका नेहरू को दिया।उन्होंने आरोप लगाया कि आजादी के बाद कुछ राजनीतिक ताकतों ने पटेल की विरासत को कमज़ोर करने की कोशिश की, जिसे स्टैच्यू ऑफ यूनिटी ने हमेशा के लिए खत्म कर दिया।

कश्मीर और हैदराबाद मुद्दों पर तीखी टिप्पणी
सभा में राजनाथ सिंह ने कहा कि अगर कश्मीर पर पटेल की सलाह मानी जाती, तो यह समस्या आज अस्तित्व में नहीं होती।उन्होंने यह भी कहा कि हैदराबाद के भारत में विलय के पीछे पटेल की मजबूत इच्छाशक्ति सबसे बड़ा कारण थी।सिंह ने कहा कि मोदी सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के जरिए वही नीति आगे बढ़ाई जो पटेल अपनाते—साहस, स्पष्ट नीति और राष्ट्रहित सर्वोपरि।

Read More : IND VS SA ODI : मैच एंजॉय करें बेफिक्र! स्टेडियम में बिरयानी से बर्गर तक कितने में मिलेगा सब, जानें स्नैक्स की पूरी रेट लिस्ट

पटेल की विरासत बनाम नेहरू की नीति
रक्षा मंत्री ने कहा कि पटेल के निधन के बाद जनता ने उनका स्मारक बनाने के लिए धन इकट्ठा किया था, लेकिन नेहरू ने सुझाव दिया कि यह पैसा गांवों में विकास कार्यों पर खर्च हो।सिंह ने इसे “असमझदारी और विरासत से खिलवाड़” बताया और पूछा कि पटेल को भारत रत्न क्यों नहीं मिला, जबकि नेहरू स्वयं यह सम्मान प्राप्त कर चुके थे।
राजनाथ सिंह का यह बयान राजनीतिक माहौल को और तीखा करने वाला माना जा रहा है।

 

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here