Bus Fire Accident: राजनांदगांव में बड़ा हादसा: पाताल भैरवी मार्ग पर आग की ऊंची लपटें, मची भारी अफरा-तफरी

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Bus Fire Accident: राजनांदगांव। संस्कारधानी राजनांदगांव में आज भीषण गर्मी और बढ़ते तापमान का बेहद खौफनाक और विनाशकारी रूप देखने को मिला है। शहर के सुप्रसिद्ध और आस्था के केंद्र मां पाताल भैरवी मंदिर के समीप खड़ी ‘दादा ट्रेवल्स’ की तीन बड़ी लक्जरी बसों में अचानक भीषण आग लग गई। दोपहर के वक्त जब सूरज की तपिश अपने चरम पर थी, तभी अचानक इन खड़ी बसों से धुएं का गुबार उठने लगा और देखते ही देखते तीनों बसें आग के शोलों में तब्दील हो गईं। इस भयंकर अग्निकांड से पूरे पाताल भैरवी मंदिर क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों व स्थानीय निवासियों में भारी अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।

शहर में दो अलग-अलग स्थानों पर फूटा भीषण गर्मी का प्रकोप

स्थानीय मौसम विशेषज्ञों और चश्मदीदों के अनुसार, राजनांदगांव जिला वर्तमान में प्रदेश के सबसे गर्म इलाकों में शुमार है, जहां पारा 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। इसी अत्यधिक गर्मी और चिलचिलाती धूप के चलते आज शहर में दो अलग-अलग जगहों पर आगजनी की बड़ी घटनाएं देखने को मिली हैं। पाताल भैरवी मंदिर के पास हुआ यह हादसा इतना अचानक और तेज था कि जब तक लोग कुछ समझ पाते, आग की ऊंची-ऊंची लपटों ने एक के बाद एक तीनों बसों को पूरी तरह से अपनी आगोश में ले लिया। आग लगने की इस दोहरी मार से शहर का प्रशासनिक और सुरक्षा अमला भी तुरंत अलर्ट मोड पर आ गया है।

स्थानीय नागरिकों ने जान जोखिम में डालकर शुरू की आग बुझाने की कोशिश

हादसे के तुरंत बाद आसपास रहने वाले स्थानीय लोग और दुकानदार बिना अपनी जान की परवाह किए मौके पर जुट गए। प्रशासनिक इमदाद और दमकल की गाड़ियों के पहुंचने से पहले ही जागरूक नागरिकों ने अपने स्तर पर घरों और दुकानों से पानी लाकर आग पर काबू पाने की मशक्कत शुरू कर दी। चूंकि बसों की डीजल टंकियों में ब्लास्ट होने का खतरा लगातार बना हुआ था, इसलिए लोग बेहद सावधानी के साथ आग बुझाने के प्रयास में लगे रहे। हालांकि, आग इतनी विकराल हो चुकी थी कि नागरिकों के शुरुआती प्रयास ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुए और तीनों बसें पूरी तरह जलकर लोहे के कंकाल में बदल गईं।

दादा ट्रेवल्स की बसों में शॉर्ट सर्किट की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग की गाड़ियां सायरन बजाती हुई घटना स्थल पर पहुंच चुकी हैं। पुलिस की शुरुआती जांच और कयासों के मुताबिक, खड़ी बसों के भीतर अत्यधिक गर्मी के कारण बैटरी में ब्लास्ट या वायरिंग में शॉर्ट सर्किट होने को आग लगने की मुख्य वजह माना जा रहा है। दादा ट्रेवल्स की ये बसें पिछले कुछ समय से इस खाली स्थान पर खड़ी थीं या इन्हें सर्विसिंग के लिए खड़ा किया गया था, इस संबंध में भी पुलिस ट्रेवल्स संचालक से पूछताछ कर रही है। गनीमत यह रही कि आग लगने के वक्त बसों के भीतर कोई यात्री या चालक दल का सदस्य मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा और दर्दनाक जनहानि का हादसा टल गया।

नगर सेना के दमकल वाहनों ने पाया आग पर काबू, नुकसान का आकलन जारी

राजनांदगांव नगर सेना (होमगार्ड) और नगर निगम के फायर टेंडर्स ने मौके पर पहुंचकर चौतरफा पानी की बौछारें शुरू कीं। लगभग एक से डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग की लपटों को पूरी तरह से शांत किया और इसे आसपास की अन्य गाड़ियों व रिहायशी इमारतों तक फैलने से रोका। इस भीषण अग्निकांड में दादा ट्रेवल्स को करोड़ों रुपये के आर्थिक नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है, क्योंकि तीनों बसें पूरी तरह से खाक हो चुकी हैं। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले को जांच में ले लिया है और अग्निकांड के वास्तविक तकनीकी कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक टीम की भी मदद ली जा सकती है।

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