Gharghoda Assault Case: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। रायगढ़ जिले के औद्योगिक व आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र घरघोड़ा से महिला सुरक्षा और त्वरित पुलिसिया कार्रवाई का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहाँ एक महिला द्वारा अपने ही दिए हुए उधार के पैसों की मांग करने पर दो सगे भाइयों ने उसके घर में घुसकर बेरहमी से मारपीट की। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के कड़े दिशा-निर्देशन में थाना घरघोड़ा पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों सगे भाई आरोपियों को वारदात के मात्र चौबीस घंटे के भीतर घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर उन्हें सीधे न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
परिचित को आवश्यकता पड़ने पर दिए थे पांच हजार रुपये उधार
प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिनांक आठ जून दो हजार छब्बीस को प्रार्थिया धनेश्वरी साहू पति स्वर्गीय घनश्याम साहू (उम्र बयालीस वर्ष, निवासी बैहामुड़ा) द्वारा थाना घरघोड़ा में एक लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई गई। प्रार्थिया ने बताया कि वह छाल रोड स्थित अपने घर से लगे एक छोटे से ढाबे का संचालन करके अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। करीब एक वर्ष पूर्व उन्होंने अपने ही परिवार के परिचित जितेन्द्र साहू को बेहद आवश्यकता पड़ने पर मानवीय आधार पर पांच हजार रुपये नगद उधार दिए थे। समय बीत जाने के बाद जब भी महिला अपने पैसे वापस मांगती, तो आरोपी जितेन्द्र साहू हर बार टालमटोल कर देता था।
ढाबे में घुसकर की अभद्रता और दी जान से मारने की धमकी
प्रार्थिया के अनुसार, आठ जून की शाम लगभग चार बजे उधार लेने वाला जितेन्द्र साहू और उसका सगा भाई राजेन्द्र साहू अचानक तैश में आकर महिला के ढाबा-नुमा घर के भीतर जबरन घुस आए। दोनों भाइयों ने महिला को देखते ही “कितना पैसा दिए हो रे” कहते हुए गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। जब अकेली महिला ने इस अभद्रता और गाली-गलौज का कड़ा विरोध किया, तो दोनों आरोपियों ने शासकीय मर्यादा और इंसानियत को ताक पर रखकर महिला के साथ बेरहमी से मारपीट कर दी। जाते-जाते आरोपियों ने महिला को दोबारा पैसे मांगने पर जान से मारने की सीधी धमकी भी दी।
भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कड़ी धाराओं के तहत दोनों आरोपी भेजे गए जेल
पीड़ित महिला की रिपोर्ट पर थाना घरघोड़ा में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 190/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 333, 296, 351(3), 115(2) एवं 3(5) के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। थाना प्रभारी घरघोड़ा निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने तत्काल आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस ने आरोपी जितेन्द्र साहू (उम्र इक्कीस वर्ष) और राजेन्द्र साहू (उम्र उन्नीस वर्ष) को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसमें उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। अंततः रायगढ़ पुलिस ने संदेश दिया है कि महिलाओं के साथ हिंसा करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।









