Purushottam Das Maharaj : ग्वालियर। अयोध्या के संत पुरुषोत्तम दास महाराज ‘रामलला सरकार’ गुरुवार देर शाम ग्वालियर पहुंचे। यहां उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापना का विरोध कर रहे वकील अनिल मिश्रा से मुलाकात की। दोनों के बीच चल रहे मुद्दों और सामाजिक–धार्मिक परिस्थितियों पर चर्चा हुई।
Purushottam Das Maharaj : मीडिया से बात करते हुए संत पुरुषोत्तम दास महाराज ने कहा कि सरकारें अपना दायित्व भूल रही हैं। जो लोग गौ माता के नाम पर समर्थन लेते हैं, सत्ता में आते ही वे कुर्सी से ऐसे चिपक जाते हैं जैसे राष्ट्र की मांग उन्हें याद ही न हो। उन्होंने कहा—“गौ माता को राष्ट्र माता का दर्जा दिलाना सत्य सनातन की पहली जीत होगी।
संत ने आशा व्यक्त की कि साल 2028–2029 के बीच गाय को राष्ट्र माता का दर्जा मिल सकता है। उनका कहना था कि भारत तभी विश्व गुरु कहलाएगा जब मानवता के धर्म को सर्वोपरि रखते हुए लोग एक साथ आएंगे और सनातन के सिद्धांतों पर चलेंगे।
उन्होंने पंडित धीरेंद्र शास्त्री की यात्राओं को भी सनातन धर्म के समर्थन में बताया। कहा—
“यदि कुछ लोग उनका विरोध करते हैं, तो वह उनकी अपनी परेशानी है, सनातन की नहीं।”













