PM Modi in LNJP Hospital/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भूटान यात्रा से वापस लौटते ही सीधे दिल्ली के एलएनजेपी (LNJP) अस्पताल पहुंचे और लालकिला धमाके में घायल हुए लोगों का हाल-चाल जाना। प्रधानमंत्री का यह अचानक अस्पताल दौरा राजधानी की सुरक्षा पर बढ़ती चिंताओं और जांच एजेंसियों की तेजी पर प्रकाश डालता है।
एयरपोर्ट से सीधे अस्पताल पहुंचे पीएम मोदी
मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी भूटान से बुधवार दोपहर 2 बजे लौटे थे और विमानतल से सीधे एलएनजेपी गए। वहां उन्होंने इलाजाधीन घायलों से मुलाकात की, डॉक्टरों व प्रशासन से हाल-हवाल जाना और घायलों-परिजनों से बातचीत की। इससे पहले विदेश यात्रा के दौरान अपने पहले पब्लिक संबोधन में मोदी ने घटना का जिक्र करते हुए चेतावनी दी थी कि इस हमले के पीछे के सभी षड्यंत्रकारियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
जांच में नए खुलासे — बड़े पैमाने की साजिश का शक
PM Modi in LNJP Hospital जांच के शुरुआती रुझानों में मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए बताया जा रहा है कि आतंकी मॉड्यूल द्वारा लगभग 200 आईईडी (IEDs) तैयार करने की योजना थी। सूत्रों का दावा है कि इस नेटवर्क ने दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद को निशाना बनाने की तैयारी की थी और लालकिला, इंडिया गेट, कुछ धार्मिक स्थल, बड़े मॉल व रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील ठिकानों को अपनाने का इरादा था।
जैश-ए-मोहम्मद से कनेक्शन का भी संदेह
जांच एजेंसियां यह भी परीक्षण कर रही हैं कि मॉड्यूल का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से है या नहीं। प्रारम्भिक जानकारियों में कहा गया है कि कुछ संदिग्धों ने जनवरी से ही निष्क्रिय-सक्रिय योजना पर काम किया और बड़े हमले की तैयारी में जुटे थे। एजेंसियों का कहना है कि कुछ मामलों में विदेशी कनेक्शन और लोकल सपोर्ट दोनों की संभावनाओं की पड़ताल की जा रही है।
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धार्मिक स्थलों पर हमला कर तनाव फैलाने की कोशिश
PM Modi in LNJP Hospital जांच में यह भी सामने आया कि आतंकी समूह का मकसद धार्मिक स्थलों को निशाना बनाकर सामाजिक तथा साम्प्रदायिक तनाव उत्पन्न करना था। ऐसे निर्देशों या इरादों के प्रमाणों की खोज जारी है और संबंधित स्थानीय-प्रशासनिक सुरागों की भी पड़ताल की जा रही है।
सरकार और एजेंसियों की मेहनत जारी
केंद्रीय एवं राज्य-स्तरीय सुरक्षा-एजेंसियां और पुलिस फोरेंसिक जांच, कॉल-डंप विश्लेषण और इंटरनेशनल इंटेलिजेंस सहयोग के साथ मामले की तह तक पहुँचने के लिए जुटी हैं। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि जांच-प्रक्रिया निष्पक्ष और तेज़ रहेगी तथा नई-नई जानकारियों के साथ सार्वजनिक रूप से अपडेट दिया जाएगा।






