निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का असर अब वैश्विक बाजार के साथ भारत में भी दिखने लगा है। तेल-गैस आपूर्ति प्रभावित होने से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का दौर शुरू हो गया है। निजी क्षेत्र की कंपनी Shell India ने पेट्रोल और डीजल के दामों में बड़ी बढ़ोतरी की है, जिससे उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ा है।
Shell India ने बढ़ाए दाम
Shell India ने पेट्रोल की कीमत में 7.41 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 25 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की है। इससे निजी पेट्रोल पंपों पर ईंधन काफी महंगा हो गया है। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल अपनी कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
सरकारी कंपनियों के दाम स्थिर
इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी सरकारी कंपनियों ने पुराने रेट ही बनाए रखे हैं। हालांकि 1 अप्रैल 2026 को इंडियन ऑयल ने XP100 पेट्रोल के दाम में 11 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद इसकी कीमत 160 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच गई है।
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क्यों बढ़ रही कीमतें?
विशेषज्ञों के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का मार्ग बाधित हो गया है। यह समुद्री मार्ग दुनिया के करीब 20% कच्चे तेल के परिवहन का मुख्य रास्ता है। इसके बंद होने से आपूर्ति प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 109 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई है।
बड़े शहरों में पेट्रोल-डीजल के भाव
देश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं। दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपए और डीजल 87.62 रुपए प्रति लीटर है। कोलकाता में पेट्रोल 104.21 रुपए, जयपुर में 104.72 रुपए और इंदौर में 106.48 रुपए प्रति लीटर दर्ज किया गया है। वहीं डीजल की कीमत मुंबई में 92.15 रुपए, पटना में 93.80 रुपए और हैदराबाद में 95.70 रुपए प्रति लीटर है।
आगे और बढ़ सकती है महंगाई
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव जारी रहता है, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। इसका असर आम जनता की जेब और महंगाई पर भी पड़ सकता है।











