Paddy Smuggling Jashpur News : जशपुर (कुमेकेला): छत्तीसगढ़ में धान खरीदी का सीजन अपने अंतिम पड़ाव पर है, लेकिन इसके साथ ही धान माफियाओं और कोचियों का काला कारोबार भी चरम पर पहुंच गया है। जशपुर जिले के कुमेकेला (रैरुमा खुर्द क्षेत्र) में बीती मध्यरात्रि प्रशासन और स्थानीय सतर्कता की टीम ने अवैध धान परिवहन करते हुए एक बोलेरो पिकअप को रंगे हाथों पकड़ा है। इस कार्रवाई ने क्षेत्र में सक्रिय एक बड़े सिंडिकेट और राइस मिलों की संदिग्ध भूमिका को उजागर कर दिया है।
पकड़ी गई बोलेरो पिकअप (क्रमांक CG04 NX 2987) में 80 बोरी धान लदा हुआ पाया गया। मौके पर जब ड्राइवर अनूप चौहान से पूछताछ की गई, तो उसने कैमरे के सामने चौंकाने वाले खुलासे किए। ड्राइवर ने स्वीकार किया कि यह धान ‘कमला राइस मिल’ से लोड किया गया था और इसे अवैध रूप से खपाने के लिए तमता ले जाया जा रहा था। ड्राइवर के इस कबूलनामे ने राइस मिलों की कार्यप्रणाली और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस पूरे अवैध खेल का मास्टरमाइंड ‘अंकित त्रिपाठी’ बताया जा रहा है। ड्राइवर अनूप चौहान ने बयान दिया कि वह केवल एक मोहरा है और उसे अंकित त्रिपाठी के फोन पर मिलने वाले निर्देशों के आधार पर माल की डिलीवरी करनी होती है। ड्राइवर ने यह भी बताया कि गाड़ी का मालिक सूरजपुर निवासी ‘कृपा’ है, लेकिन पूरे ऑपरेशन और सेटिंग की जिम्मेदारी अंकित त्रिपाठी ही संभालता है। यह खुलासा संकेत देता है कि धान तस्करी का यह जाल कई जिलों तक फैला हुआ है।
हैरानी की बात यह है कि राइस मिल से भारी मात्रा में अवैध धान बाहर निकलकर सड़कों पर दौड़ता है, लेकिन चेकपोस्टों और पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगती। वीडियो सबूतों और ड्राइवर के बयान के बाद अब गेंद प्रशासन के पाले में है। क्या खाद्य विभाग और स्थानीय पुलिस ‘कमला राइस मिल’ और कथित मास्टरमाइंड अंकित त्रिपाठी पर कड़ी कार्रवाई करेगी या रसूख के चलते मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा? क्षेत्र के किसान और आम नागरिक अब प्रशासन के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।











