Supreme Court AI Fake Verdicts : सुप्रीम कोर्ट: AI के जरिए ‘फर्जी’ फैसले गढ़ने पर SC सख्त; बोला- “यह केवल गलती नहीं, गंभीर कदाचार है”, जवाब तलब

VIKASH KHALKHO
Supreme Court

Supreme Court AI Fake Verdicts : नई दिल्ली (02 मार्च 2026): सुप्रीम कोर्ट ने एक ट्रायल कोर्ट द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से तैयार किए गए उन फैसलों पर भरोसा करने का कड़ा संज्ञान लिया है, जिनका वास्तविकता में कोई अस्तित्व ही नहीं है। जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने कहा कि इस तरह के ‘सिंथेटिक’ या फर्जी फैसलों के आधार पर दिया गया कोई भी निर्णय न्याय प्रक्रिया की अखंडता पर सीधा प्रहार है।

मामला क्या है? यह मामला आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के एक आदेश से उपजा है। एक दीवानी मुकदमे (Civil Suit) के दौरान ट्रायल कोर्ट ने एक एडवोकेट-कमिश्नर की नियुक्ति की थी। जब याचिकाकर्ताओं ने इस पर आपत्ति जताई, तो ट्रायल कोर्ट ने कुछ पिछले फैसलों का हवाला देते हुए आपत्तियों को खारिज कर दिया। बाद में पता चला कि जिन फैसलों का जिक्र ट्रायल कोर्ट ने अपने आदेश में किया था, वे एआई-जनरेटेड थे और असल में वैसे कोई केस कभी हुए ही नहीं थे।

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी पीठ ने अपने 27 फरवरी के आदेश में कहा, “हमें यह स्पष्ट कर देना चाहिए कि गैर-मौजूद और फर्जी फैसलों पर आधारित निर्णय लेना निर्णय लेने की प्रक्रिया में कोई सामान्य त्रुटि नहीं है। यह ‘मिसकंडक्ट’ (कदाचार) की श्रेणी में आता है और इसके कानूनी परिणाम भुगतने होंगे।” कोर्ट ने इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) को नोटिस जारी किया है।

संस्थानिक चिंता का विषय सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान को इस मामले में अदालत की सहायता के लिए एमिकस क्यूरी (Amicus Curiae) नियुक्त किया है। इससे पहले 17 फरवरी को मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने भी चिंता जताई थी कि वकील एआई टूल्स का उपयोग करके ऐसी याचिकाएं ड्राफ्ट कर रहे हैं जिनमें “Mercy vs Mankind” जैसे काल्पनिक केसों का हवाला दिया जा रहा है।

अगली सुनवाई और रोक शीर्ष अदालत ने फिलहाल ट्रायल कोर्ट को एडवोकेट-कमिश्नर की रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ने से रोक दिया है। इस मामले की विस्तृत जांच और एआई के दुरुपयोग पर गाइडलाइंस तय करने के लिए अगली सुनवाई 10 मार्च को निर्धारित की गई है।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *