नई दिल्ली। Nishaanebaz.com-Microsoft Voluntary Exit Offer 2026: दिग्गज वैश्विक टेक्नोलॉजी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (VEO) यानी स्वैच्छिक नौकरी छोड़ने की एक विशेष योजना का ऐलान किया है। इस नई पहल के तहत कंपनी के पात्र कर्मचारी अपनी इच्छा से नौकरी छोड़ने का विकल्प चुन सकते हैं, जिसके बदले उन्हें आकर्षक वित्तीय मुआवजा, हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज और नया रोजगार तलाशने में मदद जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, भारत, अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा में कार्यरत कंपनी के करीब 60 हजार कर्मचारी इस स्वैच्छिक योजना के संभावित दायरे में आ सकते हैं, जिसे लेकर टेक जगत में हलचल काफी बढ़ गई है।
कंपनी की एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और चीफ पीपल ऑफिसर एमी कोलमैन ने एक आधिकारिक ब्लॉग पोस्ट के माध्यम से इस रणनीतिक पहल की जानकारी सार्वजनिक की है। योजना के तहत योग्य कर्मचारियों को यह फैसला लेने के लिए 1 दिसंबर 2026 तक का समय दिया गया है। हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह योजना सभी कर्मचारियों पर समान रूप से लागू नहीं होगी, बल्कि इसका लाभ चारों देशों की चुनिंदा टीमों और निर्धारित जॉब ग्रेड वाले कर्मचारियों को ही मिलेगा। भारत में माइक्रोसॉफ्ट के करीब 23 हजार कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से चुनिंदा विभागों के कर्मचारियों को ईमेल के जरिए इस ऑफर और इससे जुड़ी शर्तों की सीधी जानकारी भेजी जा रही है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस स्वैच्छिक पैकेज के तहत नौकरी छोड़ने का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को कंपनी में पूरे किए गए प्रत्येक सेवा वर्ष के बदले एक महीने की बेसिक सैलरी के बराबर मुआवजा दिया जा सकता है। इसके अलावा, Level 70 या उससे नीचे के जॉब ग्रेड वाले पात्र कर्मचारियों को AI Experiences, Copilot, Finance, Human Resources, Xbox और Windows Plus Devices जैसे विभागों से चुना गया है। वहीं, डेटा सेंटर, सेल्स और मार्केटिंग से जुड़े कर्मचारियों को इस योजना से पूरी तरह बाहर रखा गया है ताकि रोजमर्रा का मुख्य व्यावसायिक संचालन प्रभावित न हो।
एक तरफ जहां माइक्रोसॉफ्ट कर्मचारियों को स्वेच्छा से अलग होने का अवसर दे रही है, वहीं दूसरी ओर कंपनी ने भारत में अपने दीर्घकालिक निवेश और प्रतिबद्धता को दोहराया है। कंपनी के आधिकारिक प्रवक्ता के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट भारत के टैलेंट और टेक्नोलॉजी इकोसिस्टम में निवेश जारी रखेगी, जिसके तहत वर्ष 2025 से 2029 के बीच क्लाउड, AI इंफ्रास्ट्रक्चर, स्किलिंग और ऑपरेशंस के लिए 20.5 अरब डॉलर का निवेश किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कोई छंटनी का आदेश नहीं है, बल्कि बदलती कारोबारी जरूरतों और एआई आधारित भविष्य के अनुसार अपने वर्कफोर्स को नए सिरे से पुनर्गठित करने का एक सुविचारित प्रयास है।