Jharkhand Rajya Sabha: रांची: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए द्विवार्षिक चुनाव में एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा राजनीतिक उलटफेर देखने को मिला है। कड़े मुकाबले और हाई-वोल्टेज ड्रामे के बीच राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और जाने-माने उद्योगपति परिमल नाथवानी और सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने शानदार जीत दर्ज कर उच्च सदन (राज्यसभा) का टिकट कटा लिया है। वहीं दूसरी तरफ, सत्ताधारी महागठबंधन (इंडिया ब्लॉक) का हिस्सा रही कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार प्रणव झा को इस त्रिकोणीय मुकाबले में करारी हार का सामना करना पड़ा है।
आंकड़ों का गणित: नाथवानी को 28 और बैद्यनाथ को मिले 31 वोट
प्राप्त आधिकारिक आंकड़ों और मतगणना से जुड़े सूत्रों के अनुसार, एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने आवश्यक जादुई आंकड़े को छूते हुए कुल 28 प्रथम वरीयता के वोट हासिल किए, जिससे उनकी जीत का रास्ता साफ हो गया। वहीं, झामुमो के प्रत्याशी बैद्यनाथ राम को सबसे अधिक 31 वोट मिले, जिसके चलते वे बेहद आसानी से राज्यसभा पहुंचने में सफल रहे। इसके विपरीत, गठबंधन के भरोसे मैदान में उतरे कांग्रेस के प्रणव झा महज 19 वोटों पर ही सिमट कर रह गए।
तीन वोटों पर बना रहा सस्पेंस, हुए अमान्य
गुरुवार सुबह 9 बजे से विधानसभा के कमरा नंबर 42 में शुरू हुई वोटिंग प्रक्रिया में सभी 81 विधायकों ने अपने मताधिकार का प्रयोग कर शत-प्रतिशत मतदान किया था। हालांकि, शाम को वोटों की गिनती के दौरान तीन मतों को लेकर काफी देर तक सस्पेंस और विवाद की स्थिति बनी रही। राज्य के वरिष्ठ नेता और वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने बताया कि इन विवादित मतों को पहले होल्ड पर रखा गया था, लेकिन जांच के बाद चुनाव आयोग ने इन्हें अमान्य (रिजेक्ट) घोषित कर दिया। अमान्य होने वाले मतों में 2 वोट भाजपा और 1 वोट झामुमो गठबंधन का बताया जा रहा है।
महागठबंधन में दरार! क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं तेज
इस चुनाव परिणाम ने झारखंड में सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन की आंतरिक एकजुटता की पोल खोलकर रख दी है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि महागठबंधन के भीतर बड़े पैमाने पर असंतोष और क्रॉस वोटिंग हुई है। सूत्रों का दावा है कि राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और भाकपा-माले (CPI-ML) के कुछ विधायकों के साथ-साथ खुद कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट खेमों ने तय रणनीति के विपरीत जाकर मतदान किया। चुनावी गणित की शुरुआत में आंकड़ों के लिहाज से कांग्रेस प्रत्याशी की स्थिति मजबूत दिख रही थी, लेकिन ऐन वक्त पर हुई इस अंतर्घात ने कांग्रेस को तगड़ा झटका दे दिया।
भाजपा ने दी बधाई, एकजुटता पर उठाए सवाल
परिमल नाथवानी की इस अप्रत्याशित जीत पर गोड्डा से भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने उन्हें सहर्ष बधाई दी है। उन्होंने इस परिणाम को एनडीए की बड़ी कूटनीतिक और राजनीतिक सफलता बताते हुए कहा कि इस चुनाव ने साफ कर दिया है कि झारखंड में महागठबंधन के भीतर सबकुछ ठीक नहीं है और उनका कुनबा बिखर रहा है। इस परिणाम के बाद राज्य की राजनीति में एक नए सियासी घमासान और समीक्षा का दौर शुरू हो गया है।









