Sagar Crime News: सागर (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के सागर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पथरिया जाट से एक हैरान और विचलित कर देने वाला मामला सामने आया है। गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किए जाने के बाद मृतक की अस्थियां और राख अचानक गायब मिलने से परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। घटना से स्तब्ध परिजनों ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
अंतिम संस्कार के अगले दिन खाली मिली चिता
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पथरिया जाट निवासी 86 वर्षीय जगन सूर्यवंशी का 28 जुलाई 2026 को निधन हो गया था। परिजनों और ग्रामीणों ने सनातन परंपराओं के अनुसार उसी दिन स्थानीय श्मशान घाट में उनका अंतिम संस्कार कर दिया था।
धार्मिक परंपरा के तहत जब अगले दिन (29 जुलाई) सुबह परिजन अस्थि-संग्रह (फूल चुनना) और पूजन के लिए श्मशान घाट पहुंचे, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गए। चिता स्थल से न केवल अस्थियां बल्कि पूरी राख भी गायब थी और स्थान पूरी तरह साफ था।
परिजनों ने जताई तांत्रिक क्रिया की आशंका
मृतक के पुत्र मोहन सूर्यवंशी ने मीडिया को बताया:
“पिताजी का अंतिम संस्कार 28 जुलाई को विधिवत किया गया था। जब हम अगले दिन अस्थियां लेने पहुंचे तो वहां एक भी अस्थि या राख का अंश नहीं मिला। हमें पूरा संदेह है कि किसी अवांछित तत्व या असामाजिक तत्वों ने तंत्र-मंत्र जैसी अंधविश्वासी गतिविधियों को अंजाम देने के उद्देश्य से रात के अंधेरे में अस्थियां और राख चोरी की हैं।”
सिविल लाइन थाना पुलिस जांच में जुटी
श्मशान घाट से अस्थियां गायब होने की खबर फैलते ही गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। आक्रोशित परिजन तुरंत सिविल लाइन थाने पहुंचे और मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
घटना की जानकारी मिलते ही सिविल लाइन थाना पुलिस की टीम ने मामले को संज्ञान में लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस श्मशान घाट के आसपास के इलाकों, संदिग्ध लोगों तथा तांत्रिक गतिविधियों से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखकर गहन पड़ताल कर रही है।







