Gwalior Protest News: ग्वालियर (मध्य प्रदेश)। देश के अन्य प्रमुख शहरों की तरह मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक शहर ग्वालियर में भी आरक्षण व्यवस्था में बदलाव और गरीबों के पक्के आवास का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। वर्तमान में लागू जातिगत आरक्षण को समाप्त कर आर्थिक आधार पर आरक्षण व्यवस्था लागू करने तथा शहर की झुग्गी-झोपड़ियों में रह रहे निर्धन परिवारों को स्थायी (पक्के) मकान देने की दो सूत्रीय मांगों को लेकर एमएलबी कॉलेज के सामने स्थित ऐतिहासिक फ्लैग पॉइंट पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू हो गया है।
तिरंगे के नीचे बैठीं महिलाएं और बच्चे, पुलिस बल तैनात
इस अनिश्चितकालीन धरने का नेतृत्व मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के अधिवक्ता आशुतोष दुबे कर रहे हैं। प्रदर्शन स्थल एमएलबी कॉलेज के सामने फ्लैग पॉइंट पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे के नीचे बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग एकत्र हुए हैं।
आंदोलन के दौरान किसी भी संभावित अप्रिय स्थिति से निपटने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। फिलहाल आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संचालित हो रहा है।
“आरक्षण का आधार जाति नहीं, आर्थिक स्थिति हो”
धरना प्रदर्शन में शामिल लोगों का तर्क है कि अब देश और राज्य में आरक्षण का मापदंड जाति के बजाय व्यक्ति की आर्थिक स्थिति होना चाहिए, ताकि आरक्षण का वास्तविक लाभ उन जरूरतमंद और गरीब लोगों तक पहुंच सके जो वास्तव में इसके हकदार हैं।
इसके साथ ही प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन से मांग की कि ग्वालियर शहर की झुग्गी-झोपड़ियों में वर्षों से बदहाल जीवन जीने को मजबूर गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य सरकारी योजनाओं के तहत तुरंत पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएं। पीड़ित महिला सोनम ने बताया कि वर्षों से झोपड़ियों में रहने के बावजूद उन तक सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं पहुंच सका है।
“निर्णय होने तक जारी रहेगा आंदोलन” — एडवोकेट आशुतोष दुबे
धरने के दौरान आंदोलनकारियों ने शासन और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अधिवक्ता आशुतोष दुबे ने दोटूक शब्दों में कहा कि “जब तक सरकार हमारी इन जायज और जनहितकारी मांगों पर ठोस व लिखित निर्णय नहीं लेती, तब तक फ्लैग पॉइंट पर यह अनिश्चितकालीन धरना पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।”




