Betul Food Safety News: शशांक सोनकपुरिया (विशेष रिपोर्ट) — बैतूल (मध्य प्रदेश)। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में लगातार हो रही भीषण बारिश के बीच बीमारियों का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। ऐसे मौसम में खुलेआम बिक रही घटिया और दूषित खाद्य सामग्री जनता के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन रही है। ताज़ा मामला बैतूल शहर के प्रसिद्ध गंज क्षेत्र स्थित “बापू की कचौड़ी” नामक दुकान से सामने आया है, जहाँ से खरीदी गई कचौड़ियों के मसाले में बदबू और खराबी मिलने पर भारी हंगामा खड़ा हो गया।
शिकायत मिलने के तुरंत बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने मौके पर पहुँचकर कचौड़ी के मसाले का सैंपल लिया है, जिसे परीक्षण के लिए लैब भेजा जा रहा है।
कचौड़ी के मसाले से आई बदबू, शिकायत करने पर थमाए आलू-बोंडे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुछ ग्राहकों ने इस प्रसिद्ध दुकान से कचौड़ियां खरीदी थीं। जब उन्होंने कचौड़ी खाई तो उसके अंदर भरे मसाले से तेज बदबू आ रही थी और वह खराब हो चुका था। ग्राहकों ने आपस में चर्चा करने के बाद जब दुकानदार से इसकी शिकायत की, तो मामले को दबाने की नीयत से दुकानदार द्वारा उन्हें कचौड़ी के बदले आलू-बोंडे देने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता अमिताभ तिवारी और अन्य लोगों का आरोप है कि जब उन्होंने गुणवत्ता को लेकर सवाल उठाए, तो दुकानदार द्वारा उनके साथ अभद्रता और मनमानी की गई। इसके बाद मामले की आधिकारिक सूचना तत्काल खाद्य एवं औषधि विभाग को दी गई।
खाद्य अधिकारी ने मौके पर लिया सैंपल, लैब भेजा जा रहा माल
सूचना मिलते ही खाद्य सुरक्षा अधिकारी संदीप पाटिल पुलिस और अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे। उन्होंने दुकान में मौजूद कचौड़ी के मसाले और खाद्य सामग्रियों का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया तथा नियमानुसार मसाले के सैंपल सील किए।
खाद्य अधिकारी संदीप पाटिल ने बताया कि लिए गए सैंपलों को जांच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। लैब से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
ट्रैफिक जाम और सार्वजनिक सुरक्षा पर भी उठे सवाल
स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि ‘बापू की कचौड़ी’ दुकान मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण रोजाना यहाँ ग्राहकों के वाहन सड़क पर बेतरतीब ढंग से खड़े रहते हैं। इसके चलते आए दिन सड़क पर भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति निर्मित होती है और आवागमन में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
बरसात के मौसम में खानपान की वस्तुओं में इस तरह की लापरवाही से किसी बड़ी बीमारी या फूड पॉइजनिंग का खतरा बना रहता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि नामी दुकानों पर महज टालामटोली और आश्वासन देने के बजाय ठोस व दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि जनता के स्वास्थ्य और जान से खिलवाड़ न हो सके।




