School Superstition Action: क्लासरूम में टोटके और अंधविश्वास का मामला; वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षिका सस्पेंड

VIKASH KHALKHO

School Superstition Action: जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड अंतर्गत आने वाली काठापाली प्राथमिक शाला में पदस्थ शिक्षिका गीता कुम्भकार को शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्राथमिक शाला के भीतर अपनी खोई हुई सोने की बाली खोजने के नाम पर बच्चों को डराने और अंधविश्वास फैलाने का वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने यह कड़ा कदम उठाया है।

हालांकि, इस निलंबन की कार्रवाई के साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही भी उजागर हो गई है।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, प्राथमिक शाला काठापाली में पदस्थ शिक्षिका गीता कुम्भकार की कान की सोने की बाली स्कूल परिसर में कहीं गुम हो गई थी। बाली ढूंढने के लिए शिक्षिका ने किसी वैज्ञानिक या सामान्य समझ का सहारा लेने के बजाय अजीबोगरीब तांत्रिक और टोटके का तरीका अपनाया।

शिक्षिका ने कक्षा के भीतर लाल कपड़ा, मौली धागा, नारियल और चावल जैसी सामग्रियां एकत्र कीं और बच्चों से पूछताछ शुरू की। हद तो तब हो गई जब बच्चों को डराने के लिए शिक्षिका ने उनसे कहा कि यदि किसी ने बाली मिलने के बाद भी जानकारी नहीं दी, तो उसे पेट दर्द, गंभीर बीमारी, तेज बुखार और अनहोनी का सामना करना पड़ेगा। मासूम बच्चों पर इसका गंभीर मानसिक असर पड़ रहा था।

वीडियो वायरल होते ही विभाग ने लिया संज्ञान

31 जुलाई को क्लासरूम के भीतर हुए इस पूरे गैर-जिम्मेदाराना कृत्य का वीडियो किसी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो देखते ही देखते तेजी से वायरल हो गया। स्कूल जैसे शिक्षा के मंदिर में अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने को लेकर जनमानस में भारी आक्रोश फैल गया।

मामले की गंभीरता और बच्चों के मानसिक विकास पर पड़ रहे प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए शिक्षा विभाग ने त्वरित संज्ञान लिया और शिक्षिका गीता कुम्भकार को निलंबित कर दिया।

निलंबन आदेश में बड़ी प्रशासनिक त्रुटि: बिना पढ़े कर दिए दस्तखत!

शिक्षिका पर हुई कार्रवाई के बीच जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी औपचारिक निलंबन आदेश पत्र ने एक और विवाद को जन्म दे दिया है। आदेश पत्र में घटना और कार्रवाई की तारीख ’31/7/2026′ की जगह गलती से ’31/8/2026′ (एक महीने बाद की तिथि) दर्ज कर दी गई है।

इस बड़ी टाइपिंग और प्रशासनिक चूक के सामने आने के बाद जानकारों का मानना है कि जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) ने आदेश पत्र को बिना ठीक से पढ़े और जांचे ही आनन-फानन में हस्ताक्षर कर जारी कर दिया। इससे शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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