New paths in agriculture : सुकमा। जिले के आदिवासी किसानों को आधुनिक और सुरक्षित खेती से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) सुकमा में एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय कृषि कीट संसाधन ब्यूरो, बेंगलुरु के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के तीनों विकासखंडों से बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। इस दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसलों में रासायनिक दवाओं के बजाय जैविक कीट प्रबंधन और प्राकृतिक खेती की आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में बेंगलुरु से आए पौध रोग विशेषज्ञ डॉ. ए. कंदन और रायपुर के कीट वैज्ञानिक डॉ. योगेश कुमार मेश्राम ने किसानों को धान, मक्का और सब्जी फसलों में लगने वाले शत्रु व मित्र कीटों की पहचान करना सिखाया। वैज्ञानिकों ने किसानों के खेतों का भ्रमण कर कीट समस्याओं का मौके पर ही समाधान बताया। इस अवसर पर किसानों को सशक्त बनाने के लिए 235 लाभार्थियों को फेरोमोन ट्रैप, ट्राइकोकार्ड, बायोपेस्टीसाइड, स्प्रेयर और सब्जियों के उन्नत बीज जैसी जैविक सामग्री वितरित की गई। वरिष्ठ वैज्ञानिक एच. एस. तोमर और उप संचालक कृषि पी. आर. बघेल ने भी किसानों को मत्स्य पालन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया।











