Nava Raipur Space Center : रायपुर (3 फरवरी 2026)। छत्तीसगढ़ के शैक्षणिक और वैज्ञानिक इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर के राखी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में राज्य के पहले अंतरिक्ष केंद्र एवं सिम्युलेटर लैब का उद्घाटन किया। इस अवसर पर ‘गगनयान’ मिशन के प्रमुख अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला भी मौजूद रहे, जिन्होंने छात्रों के साथ अंतरिक्ष विज्ञान के रोमांचक अनुभव साझा किए।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल की दूरगामी सोच का परिणाम इस केंद्र की स्थापना के पीछे रायपुर सांसद एवं वरिष्ठ भाजपा नेता बृजमोहन अग्रवाल के अथक प्रयासों की बड़ी भूमिका रही है। अगस्त 2025 में श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र के प्रवास के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में भी ऐसी सुविधा का सपना देखा था। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अंतरिक्ष विभाग के सचिव को पत्र लिखकर रायपुर में स्पेस लैब की मांग की थी, जिसे नवंबर 2025 में केंद्र सरकार ने स्वीकृति दी।

क्या है इस केंद्र की खासियत? नवा रायपुर का यह केंद्र ISRO मानकों के अनुरूप तैयार किया गया है। यहाँ छात्रों को केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि प्रायोगिक अनुभव भी मिलेगा:
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स्टूडेंट सैटेलाइट लैब: यहाँ छात्र छोटे उपग्रह (Satellites) बना और टेस्ट कर सकेंगे।
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ग्राउंड स्टेशन और मिशन कंट्रोल: अंतरिक्ष में घूम रहे उपग्रहों को ट्रैक करने और डेटा इकट्ठा करने की सुविधा।
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स्पेस सिम्युलेटर: युवाओं को अंतरिक्ष में रहने और काम करने का आभासी अनुभव प्रदान करेगा।
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प्रोजेक्ट ‘अंतरिक्ष संगवारी’: इस परियोजना के तहत छात्रों को अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में पेशेवर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ बनेगा स्पेस टेक्नोलॉजी हब सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि अब छत्तीसगढ़ के युवाओं को अंतरिक्ष विज्ञान सीखने के लिए दूसरे राज्यों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यह केंद्र हमारे राज्य को वैश्विक अंतरिक्ष मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत @2047’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया।













