National Highways Authority : शहपुरा (जबलपुर)। जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे 45 पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण का एक खौफनाक मंजर देखने को मिल रहा है। जबलपुर से महज 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित शहपुरा भिटोनी बाईपास का रेलवे ओवरब्रिज एक तरफ से बुरी तरह धंस गया है। ब्रिज के धंसने से न केवल करोड़ों की लागत से बने इस हाईवे के निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं, बल्कि यहाँ से गुजरने वाले हजारों मुसाफिरों की जान भी जोखिम में पड़ गई है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि यह पुल पूरी तरह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा है।
विगत 6 महीनों से इस नेशनल हाईवे पर हैवी ट्रैफिक को वन-वे कर निकाला जा रहा है। भोपाल की ओर जाने वाली सड़क पर मरम्मत का कार्य कछुआ गति से चल रहा है, जिससे दूसरी लेन पर वाहनों का अत्यधिक दबाव बढ़ गया है। स्थिति इतनी भयावह है कि क्षतिग्रस्त ब्रिज को सपोर्ट देने के लिए नीचे से लोहे के जैक-रॉड और पिलर लगाए गए हैं। इसी अस्थायी सपोर्ट के ऊपर से दिन-रात भारी मालवाहक वाहनों को गुजारा जा रहा है, जिससे कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
स्थानीय निवासी विवेक जैन और घनश्याम पटेल ने बताया कि ब्रिज के पास ही नेशनल हाईवे का टोल प्लाजा स्थित है, जहाँ से रोजाना हजारों वाहन गुजरते हैं। वन-वे रोड होने के कारण रात के समय अक्सर दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों का कहना है कि ब्रिज के निर्माण में तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई है, जिसके कारण पुल कुछ ही वर्षों में क्षतिग्रस्त हो गया। जैक और रॉड के सहारे इतने बड़े ब्रिज पर हैवी ट्रैफिक का लोड डालना तकनीकी रूप से भी खतरनाक माना जा रहा है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि टोल के नाम पर मोटी रकम वसूलने वाला नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। इमरान खान सहित अन्य स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस ब्रिज का स्थायी समाधान नहीं किया गया और गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन को मजबूर होंगे। फिलहाल, यह ओवरब्रिज एक बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है और जिम्मेदार विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है।











