Stock Market India: मुंबई। टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी वोडाफोन आइडिया (Vodafone Idea) के शेयरों में पिछले कुछ महीनों से जबरदस्त और तूफानी तेजी देखी जा रही है। शेयर बाजार में गजब की रिकवरी दिखाते हुए यह स्टॉक अपने 52 हफ्ते के सबसे निचले स्तर से करीब 89% तक ऊपर उछल चुका है। पिछले एक साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो इस शेयर ने निवेशकों को 110% तक का शानदार रिटर्न दिया है। हालांकि, इस भारी तेजी के बीच मार्केट एक्सपर्ट्स और बड़ी ब्रोरेज फर्मों ने आम रिटेल निवेशकों को जल्दबाजी में किसी भी तरह की बड़ी खरीदारी न करने और अत्यधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है।

₹8.13 के निचले स्तर से उठकर ₹15.34 के नए हाई पर पहुंचा भाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चालू वर्ष के अप्रैल महीने में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर वोडाफोन आइडिया का शेयर कई महीनों के सबसे निचले स्तर 8.13 रुपये प्रति शेयर पर पहुंच गया था। इस गिरावट के बाद स्टॉक ने बाजार में अप्रत्याशित वापसी की। इस महीने की शुरुआत में स्टॉक ने लगभग 89% की छलांग लगाई और 52-वीक के अपने नए हाई लेवल 15.34 रुपये प्रति शेयर को छूने में कामयाब रहा। हालांकि, फिलहाल ऊपरी स्तरों पर आई आंशिक मुनाफावसूली के कारण स्टॉक अपने हाई लेवल से थोड़ा नीचे जरूर आया है, लेकिन यह अभी भी अपने निचले स्तरों से काफी ऊपर 14.05 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है।
इन 4 मुख्य वजहों से वोडाफोन आइडिया के शेयरों में आया भूचाल
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, वोडाफोन आइडिया के शेयरों में आई इस तूफानी तेजी के पीछे चार प्रमुख सकारात्मक कारक जिम्मेदार हैं:
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प्रमोटर ग्रुप द्वारा भारी निवेश: कंपनी के मुख्य प्रमोटर ‘आदित्य बिड़ला ग्रुप’ ने हाल ही में वारंट इश्यू के माध्यम से कंपनी में 1182.50 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया है, जिससे निवेशकों का भरोसा काफी बढ़ा है।
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AGR बकाए में बड़ी राहत: दूरसंचार विभाग (DoT) ने कंपनी के एजीआर (AGR) बकाए को लगभग 27% तक घटाकर 64,046 करोड़ रुपये कर दिया है, जिससे कंपनी के सिर से वित्तीय बोझ काफी हद तक कम हुआ है।
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बेहतर तिमाही नतीजे: कंपनी के मार्च तिमाही के नतीजे उम्मीद से बेहतर आए हैं, जिसने बाजार को सकारात्मक संकेत दिए हैं।
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ARPU में सुधार और रेटिंग अपग्रेड: कंपनी की प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) बढ़कर 190 रुपये के स्तर तक पहुंच गई है। इन सुधारों के चलते प्रतिष्ठित रेटिंग एजेंसी आईसीआरए (ICRA) ने वोडाफोन आइडिया की क्रेडिट रेटिंग में भी बढ़ोतरी कर दी है।
एक्सपर्ट्स की राय: लॉन्ग टर्म निवेश से अभी बचें, स्टॉक केवल ‘शॉर्ट-टर्म प्ले’
भले ही शेयर में अल्पावधि में 80% से अधिक की तेजी आई हो, लेकिन देश की अधिकांश ब्रोकरेज फर्में अभी भी इस स्टॉक को लेकर ‘तटस्थ’ (Neutral) रुख अपना रही हैं। एक्सपर्ट्स का स्पष्ट कहना है कि इसे लॉन्ग टर्म इन्वेस्टमेंट के बजाय केवल एक ‘शॉर्ट-टर्म ट्रेडर्स प्ले’ के रूप में देखा जाना चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, कंपनी की बुनियादी (फंडामेंटल) स्थिति अभी भी आंतरिक रूप से कमजोर बनी हुई है।
लॉन्ग टर्म निवेश हमेशा ऐसी मजबूत कंपनियों में किया जाता है, जो लगातार मुनाफे में हों और जिनमें ऑर्गेनिक ग्रोथ दिख रही हो। वोडाफोन आइडिया अभी भी वित्तीय रूप से एक तरह के ‘सर्विस मोड’ (Survival Mode) से गुजर रही है। शेयर बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक यह कंपनी बिना किसी सरकारी वित्तीय पैकेज या बाहरी मदद के अपने दम पर शुद्ध मुनाफे (Net Profit) में नहीं आ जाती, तब तक लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए इसमें बड़ा दांव लगाना बेहद जोखिम भरा हो सकता है।
(डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. शेयर बाजार में किया गया कोई भी निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होता है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा अपने वित्तीय सलाहकार या सर्टिफाइड मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें.)







