Shivpuri Sand Mafia: शिवपुरी। मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से खनन माफिया के बढ़ते हौसलों का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां अवैध रेत खनन रोकने पहुंची राजस्व टीम को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
अवैध खनन की सूचना पर मौके पर पहुंची टीम
Shivpuri Sand Mafia:जानकारी के अनुसार, मामला बदरवास क्षेत्र के सिंध नदी के पास ग्राम सड़बूड़ रोड का है। शासकीय भूमि पर अवैध रेत खनन की सूचना मिलने पर तहसीलदार सचिन भार्गव, पटवारी, कोटवार और चालक की टीम मौके पर पहुंची थी।
मौके पर टीम ने देखा कि हाइड्रा मशीन और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिए अवैध रूप से मिट्टी और रेत का उत्खनन किया जा रहा था।
READ MORE: MP News: मुरैना में थाने में शिकायत करने पहुंची महिला की पाइप से पिटाई! हेड कॉन्स्टेबल सस्पेंड
कार्रवाई रोकने पर अधिकारियों को घेरा गया
Shivpuri Sand Mafia: जैसे ही राजस्व टीम ने वाहनों की जब्ती की कार्रवाई शुरू की, आरोप है कि जयमंडल यादव, उसके पिता लाखन यादव और पुत्र विकुल यादव ने मौके पर पहुंचकर टीम को घेर लिया और शासकीय कार्य में बाधा डालने लगे।
“गोली मार दूंगा” कहकर दी जान से मारने की धमकी
Shivpuri Sand Mafia: प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, आरोपी जयमंडल यादव ने तहसीलदार को धमकाते हुए कहा—
“रुक जाइए, नहीं तो गोली मार दूंगा, जेल चला जाऊंगा।”
इतना ही नहीं, आरोप है कि उसने अपने बेटे को घर से बंदूक लाने के लिए भी कहा ताकि राजस्व अमले पर हमला किया जा सके।
हंगामे के बीच भागी मशीनें, एक ट्रॉली जब्त
Shivpuri Sand Mafia: घटना के दौरान आरोपियों ने मौके से एक हाइड्रा मशीन और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भगा लिया। हालांकि राजस्व टीम ने कार्रवाई करते हुए एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को जब्त कर पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
पुलिस ने दर्ज किया मामला, आरोपी फरार
Shivpuri Sand Mafia: कोटवार की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने जयमंडल यादव, लाखन यादव और विकुल यादव के खिलाफ BNS की विभिन्न धाराओं और खान एवं खनिज अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
हालांकि, खबर लिखे जाने तक तीनों आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर बताए जा रहे हैं।
अवैध खनन और माफिया पर फिर उठे सवाल
Shivpuri Sand Mafia: इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र में सक्रिय रेत माफिया के हौसले और प्रशासनिक कार्रवाई की चुनौतियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर अवैध खनन और हिंसा की घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।







