रीवा | रीवा। पुलिस थाने की बात सुनते ही आम लोगों के मन में अक्सर सख्त और डरावने पुलिसकर्मी की छवि उभरती है। लेकिन मध्य प्रदेश के रीवा में एक ऐसा थाना है, जिसने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है। यहां के पुलिस अधिकारी नौनिहालों को शिक्षा और संस्कार दोनों दे रहे हैं।
नगर पुलिस अधीक्षक, डॉ. रितु उपाध्याय के अनुसार, यह कोई एक-दो दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि हर वर्किंग डे का हिस्सा है। सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए पुलिस न केवल बच्चों, बल्कि उनके परिजनों से भी जुड़ती है।
बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ पुलिस के मित्र होने का पाठ पढ़ाया जाता है। कक्षाओं के बाद उन्हें फिजिकल एक्टिविटी कराई जाती है और उनकी भविष्य की आकांक्षाओं के अनुसार मार्गदर्शन और मोटिवेशन भी दिया जाता है।
विभिन्न स्कूलों से आने वाले नौनिहाल इस पहल से खुश हैं और मानते हैं कि अब उनके लिए पुलिस केवल कानून लागू करने वाले अधिकारी नहीं, बल्कि मित्र और मार्गदर्शक भी हैं।
— बाइट: डॉ. रितु उपाध्याय, नगर पुलिस अधीक्षक, रीवा
“यह एक बेहद सुखद अनुभव होता है जब सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए पुलिस बच्चों और उनके परिजनों के साथ जुड़ती है। बच्चों को सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार और जीवन के मूल्य भी सिखाए जाते हैं।”











