रीवा: रीवा में दशकों से निवास कर रहे बंगाली समाज की महिलाओं ने अपनी 80 साल पुरानी परंपरा का पालन करते हुए नवरात्रि में मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया। इस दौरान उन्होंने भोग के साथ मां को पान का बीड़ा अर्पित किया और उनके जल्दी लौट आने की कामना की।
स्थानीय परंपरा के अनुसार बंगाली समाज मानता है कि मां दुर्गा अपने चार बच्चों – लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और कार्तिक – के साथ नवरात्रि में अपने मायके आती हैं। घर की बुजुर्ग सदस्य आदि शक्ति को अपनी बेटी मानते हुए उनका सत्कार करती हैं, जैसे एक बेटी के मायके आने पर सम्मान किया जाता है।
बंगाली समाज की सदस्य स्वरूपा बनर्जी ने बताया कि पान का बीड़ा उनके समाज का अभिन्न हिस्सा है और इसे हर मंगल कार्य में इस्तेमाल किया जाता है। भोग और भोजन के बाद भी बंगाल में पान का बीड़ा खिलाने की परंपरा है, जिसे समाज अपने निवास स्थान पर भी निरंतर निभाता है।
बंगाली समाज की महिलाएं – “हम अपनी परंपरा का पालन करते हुए मां दुर्गा को भोग और पान का बीड़ा अर्पित कर उनकी कृपा प्राप्त करते हैं।”













