निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश में आबकारी विभाग को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य की सभी 3553 शराब दुकानों की नीलामी सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई है, जिसके बाद सरकार को अब शराब दुकानों के संचालन के लिए निगम या मंडल बनाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस नीलामी से सरकार को रिकॉर्ड स्तर का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो निर्धारित लक्ष्य से भी अधिक है।
रिकॉर्ड कमाई ने तोड़े सारे आंकड़े
इस बार राज्य सरकार को शराब नीलामी से कुल ₹20,481 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। यह सरकार के तय लक्ष्य से करीब ₹200 करोड़ ज्यादा है। इस उपलब्धि को आबकारी विभाग की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
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नए वित्तीय वर्ष के लिए बड़ा अनुमान
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने आबकारी विभाग से ₹18,676.80 करोड़ के राजस्व का अनुमान लगाया है। यह पिछले साल के मुकाबले करीब 12.33% की वृद्धि दर्शाता है, जो राज्य की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
निगम-मंडल बनाने की योजना खत्म
सरकार ने पहले यह योजना बनाई थी कि अगर शराब दुकानों की नीलामी लक्ष्य के अनुसार नहीं होती, तो निगम या मंडल बनाकर दुकानों का संचालन किया जाएगा। लेकिन सभी दुकानों के सफलतापूर्वक नीलाम हो जाने के बाद यह योजना पूरी तरह समाप्त हो गई है।
अन्य स्रोतों से भी आय की उम्मीद
आबकारी विभाग को केवल नीलामी से ही नहीं, बल्कि अन्य स्रोतों से भी अच्छी आय की उम्मीद है। विभाग ने अतिरिक्त ₹1775 करोड़ की आय का अनुमान लगाया है, जिससे कुल राजस्व में और बढ़ोतरी होगी।
घाटा भी हुआ समायोजित
नीलामी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विभाग का संभावित घाटा भी संतुलित हो गया है। इससे राज्य सरकार को आर्थिक रूप से राहत मिली है और राजकोषीय स्थिति मजबूत हुई है।
सरकार की रणनीति रही सफल
इस पूरी प्रक्रिया को सरकार की सटीक रणनीति और बेहतर प्रबंधन का परिणाम माना जा रहा है। समय पर नीलामी पूरी कर लेने और बेहतर प्रतिस्पर्धा मिलने से सरकार को अपेक्षा से अधिक राजस्व प्राप्त हुआ है।











