MP Promotion 2026: भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी कर्मचारियों की पदोन्नति से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही CPCT (कंप्यूटर दक्षता प्रमाणन परीक्षा) की अनिवार्यता को लेकर बड़ी राहत मिल सकती है। तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के प्रमोशन के मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसी पात्र कर्मचारी की पदोन्नति केवल CPCT परीक्षा पास नहीं करने के कारण नहीं रोकी जाए।
सरकार के इस रुख के बाद उन कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी पदोन्नति CPCT की अनिवार्यता के चलते अटकी हुई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से इस व्यवस्था को लेकर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने के निर्देश दिए हैं।
CPCT की शर्त के कारण अटके हैं कर्मचारियों के प्रमोशन
मध्यप्रदेश के कई विभागों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया CPCT परीक्षा की अनिवार्यता के कारण प्रभावित हुई है। कई कर्मचारी पदोन्नति के लिए निर्धारित अन्य पात्रताएं पूरी करते हैं, लेकिन CPCT पास नहीं होने के कारण उनका प्रमोशन आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
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कर्मचारियों की ओर से लगातार मांग की जा रही थी कि पदोन्नति में CPCT की अनिवार्यता को खत्म किया जाए या इसमें राहत दी जाए। अब मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद इस मामले में सरकार के स्तर पर सकारात्मक कदम उठाए जाने की उम्मीद बढ़ गई है।
प्रमोशन मिलने के बाद पुराने पद पर नहीं लौटाए जाएंगे कर्मचारी
MP Promotion 2026: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया है कि CPCT परीक्षा पास नहीं करने के कारण किसी कर्मचारी को पदोन्नति के बाद उसके पुराने पद पर वापस नहीं भेजा जाए।यानी जिन कर्मचारियों को नियमों के तहत पदोन्नति मिल चुकी है, उन्हें सिर्फ CPCT परीक्षा की शर्त पूरी नहीं होने के आधार पर पुराने पद पर भेजने की कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस निर्देश से पहले से पदोन्नत कर्मचारियों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
सरकार जल्द ले सकती है CPCT पर बड़ा फैसला
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से CPCT परीक्षा पास करने की अनिवार्यता को लेकर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने को कहा है। माना जा रहा है कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं और पदोन्नति में आ रही दिक्कतों को देखते हुए मौजूदा व्यवस्था में बदलाव कर सकती है।हालांकि, CPCT की अनिवार्यता को लेकर अंतिम स्थिति शासन के औपचारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल मुख्यमंत्री के निर्देश ने कर्मचारियों के बीच उम्मीद जगा दी है।
हजारों कर्मचारियों को मिल सकता है फायदा
MP Promotion 2026: यदि सरकार CPCT की अनिवार्यता में छूट देती है, तो इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिल सकता है जिनकी पदोन्नति इस परीक्षा की शर्त के कारण लंबे समय से लंबित है। इससे विभागों में खाली पदों को भरने और कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति का लाभ देने का रास्ता भी आसान हो सकता है।अब कर्मचारियों की नजर सरकार के अगले आदेश पर है। CPCT को लेकर होने वाला फैसला मध्यप्रदेश के तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।






