भोपाल: मध्य प्रदेश में साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर लगाम लगाने के लिए राज्य सरकार अब दिल्ली की तर्ज पर नई और सख्त व्यवस्था लागू करने जा रही है। इस पहल के तहत ई-जीरो FIR (E-Zero FIR) की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है, जिससे साइबर अपराध के पीड़ितों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
क्या है ई-जीरो FIR और क्यों है अहम
ई-जीरो FIR वह प्रक्रिया है, जिसमें साइबर ठगी की शिकायत ऑनलाइन दर्ज होते ही बिना देरी के FIR स्वतः दर्ज हो जाती है। अभी तक नियम यह था कि पीड़ित को 3 दिन के भीतर नियमित FIR दर्ज करानी होती थी, लेकिन अब इस समय सीमा को बढ़ाकर 30 दिन किया जा रहा है।
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अब 30 दिन में करा सकेंगे नियमित FIR
नई व्यवस्था के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी होती है और वह ई-जीरो FIR दर्ज कराता है, तो उसे अब 30 दिन तक का समय मिलेगा ताकि वह संबंधित थाने में जाकर नियमित FIR दर्ज करा सके। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले पीड़ितों को बड़ी राहत मिलेगी।
अभी 1 लाख से ज्यादा की ठगी पर लागू
फिलहाल मध्य प्रदेश में 1 लाख रुपए या उससे अधिक की साइबर ठगी के मामलों में ही ई-जीरो FIR दर्ज की जा रही है। हालांकि, सरकार इस सीमा को घटाकर 50 हजार रुपए करने की दिशा में भी तेजी से काम कर रही है।
साइबर ठगी के पीड़ितों को मिलेगा त्वरित न्याय
इस बदलाव से साइबर अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव होगी और जांच में देरी नहीं होगी। पुलिस और साइबर सेल को सीधे शिकायत मिलते ही कार्रवाई शुरू करने का अधिकार मिलेगा।
दिल्ली मॉडल से मिली प्रेरणा
दिल्ली में ई-जीरो FIR मॉडल के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिसके बाद मध्य प्रदेश सरकार ने भी इसे अपनाने का फैसला लिया है। अधिकारियों का मानना है कि इससे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।













