MP में IAS संतोष वर्मा पर गिरी गाज! ब्राह्मण टिप्पणी पर 7 दिन में जवाब तलब

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ias santosh verma
IAS संतोष वर्मा

भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष कुमार वर्मा पर उनके विवादित बयान को लेकर कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। ब्राह्मण समुदाय की बेटियों पर की गई टिप्पणी को सरकार ने सामाजिक सौहार्द के लिए नुकसानदेह और वैमनस्य फैलाने वाला बताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। यह नोटिस सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा भेजा गया है।

कौन-सी टिप्पणी से बढ़ा विवाद?
बीते 23 नवंबर को भोपाल में आयोजित अनुसूचित जाति–जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ के प्रांतीय अधिवेशन में IAS संतोष वर्मा ने कहा था कि—”परिवार में किसी एक व्यक्ति को रिज़र्वेशन न दिया जाए, जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान न कर दे या उसके साथ संबंध न बनाए।”इस टिप्पणी के सामने आते ही सोशल और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई।

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IAS वर्मा को मिला कारण बताओ नोटिस

सामान्य प्रशासन विभाग ने नोटिस में लिखा है कि वर्मा का बयान

  • ऑल इंडिया सर्विसेज (कंडक्ट) नियमों का उल्लंघन है,
  • अधिकारियों से अपेक्षित मर्यादा और आचरण के खिलाफ है,
  • और समुदायों के बीच वैमनस्य फैलाने वाला प्रतीत होता है।

नोटिस ऑल इंडिया सर्विसेज (डिसिप्लिन एंड अपील) रूल्स, 1969 के तहत जारी किया गया है। वर्मा को 7 दिनों में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है, अन्यथा उनके खिलाफ विभाग एकतरफा कार्रवाई कर सकता है।

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संतोष वर्मा की सफाई और माफी
विवाद बढ़ने के बाद IAS अधिकारी वर्मा ने माफी मांगते हुए कहा कि

  • उनका किसी भी समुदाय को आहत करने का इरादा नहीं था,
  • उनके पूरे भाषण में से केवल एक लाइन उठाकर सोशल मीडिया पर फैलाया गया है,
  • और अगर किसी की भावना आहत हुई है, तो वे “दिल से माफी मांगते हैं”।

समाज और राजनीति में उबाल
यह विवाद प्रदेश की राजनीति में भी टकराव का कारण बन गया है। विभिन्न सामाजिक और ब्राह्मण संगठनों ने IAS वर्मा के निलंबन की मांग की है, जबकि SC-ST समुदाय के कुछ संगठनों ने बयान को संदर्भ से काटकर पेश किए जाने की बात कही है।सरकार फिलहाल मामले पर सख्त रुख अपनाए हुए है।

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