Rainy Season & Snakebite Threat: खैरागढ़ (छत्तीसगढ़)। मानसून का मौसम जहां भीषण गर्मी से राहत दिलाता है, वहीं ग्रामीण इलाकों में सर्पदंश (Snake Bite) का खतरा भी कई गुना बढ़ा देता है। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में इस वर्ष बारिश की शुरुआत के साथ ही सांप के काटने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ही 49 मामले दर्ज किए जा चुके हैं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर ग्रामीणों और किसानों से विशेष सावधानी बरतने तथा झाड़-फूंक के चक्कर में पड़े बिना तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचने की अपील की है।
बारिश में क्यों बढ़ते हैं सर्पदंश के मामले?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून के दौरान खेतों, झाड़ियों और निचले इलाकों में पानी भर जाता है। इसके चलते बिलों और सुरक्षित प्राकृतिक ठिकानों में पानी घुस जाने के कारण सांप सूखे व सुरक्षित स्थानों की तलाश में इंसानी बस्तियों, घरों और खेतों की ओर रुख करते हैं। इसी वजह से इंसानों और सांपों का सामना होने की संभावना बढ़ जाती है।
जिला स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े:
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वित्तीय वर्ष 2025-26: कुल 385 स्नेक बाइट के मामले दर्ज किए गए थे।
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वित्तीय वर्ष 2026-27 (प्रथम तिमाही): अब तक 49 मामले सामने आ चुके हैं।
किसे है सबसे ज्यादा खतरा?
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज्यादा जोखिम ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को है।
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खेतों में काम करने वाले किसान और मजदूर।
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रात के अंधेरे में बिना टॉर्च या रोशनी के बाहर निकलने वाले ग्रामीण।
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झाड़ियों, गोबर के ढेरों या कचरे के आसपास काम करने वाले मजदूर।
सांप काटने पर क्या करें और क्या न करें?
| क्या करें (Do’s) | क्या न करें (Don’ts) |
| पीड़ित व्यक्ति को शांत रखें और घबराने न दें। | झाड़-फूंक या अंधविश्वास में समय बर्बाद न करें। |
| प्रभावित अंग (हाथ या पैर) की हलचल कम से कम रखें। | काटे गए स्थान पर चाकू या ब्लेड से कट न लगाएं। |
| बिना देरी किए तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाएं। | घाव से जहर चूसने (Sucking) की कोशिश न करें। |
| अस्पताल में मरीज को एंटी स्नेक वेनम (ASV) लगवाएं। | बिना डॉक्टर की सलाह के कोई देसी दवा या गोली न दें। |
अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है ASV
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने बताया कि जिले के सभी प्राथमिक, सामुदायिक और जिला अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम (ASV) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया गया है।
“सांप काटने की स्थिति में मरीज को किसी भी तरह के अंधविश्वास या घरेलू नुस्खों के फेर में नहीं पड़ना चाहिए। पीड़ित को जितनी जल्दी डॉक्टरी इलाज और एंटी-वेनम मिलेगा, उसके ठीक होने की संभावना उतनी ही अधिक होगी।”
— डॉ. आशीष शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO), खैरागढ़
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को सलाह दी है कि रात में बाहर निकलते समय हमेशा टॉर्च या लाठी का प्रयोग करें और घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें।




