भोपाल। MP Bhopal News : मध्यप्रदेश में बिजली व्यवस्था को लेकर अब अफसरों की जवाबदेही तय की जा रही है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए बिजली ट्रिपिंग, मेंटीनेंस और सीएम हेल्पलाइन से जुड़ी शिकायतों की समीक्षा के दौरान सख्त तेवर दिखाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिम्मेदारी से काम न करने वाले अफसरों को तत्काल हटाया जाए और उनकी जगह कुशल जूनियर अफसरों को पदस्थ किया जाए।
MP Bhopal News : समीक्षा बैठक में सामने आया कि कई अधिकारी शिकायतों के समाधान में देरी कर रहे हैं और फोन कॉल्स तक रिसीव नहीं कर रहे। इस लापरवाही पर कार्रवाई करते हुए 15 अधिकारियों की वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) रोक दी गई है। मंत्री ने कहा कि अब कार्य कुशलता ही प्रमोशन और जिम्मेदारी का आधार होगी।

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ऊर्जा मंत्री ने अफसरों को निर्देशित किया कि—
सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों को प्रमुखता से निपटाएं।
ट्रिपिंग और मेंटीनेंस के कारणों की स्पष्ट जानकारी दें।
जिन मामलों का निपटारा 3 से 4 घंटे में हुआ है, उनकी भी रिपोर्ट कारण सहित दें।
उन्होंने कहा कि अब केवल दफ्तर बैठने से काम नहीं चलेगा, मैदान में जाकर काम करने वाले अफसरों की ही पूछ होगी।
यह निर्देश ऐसे समय पर दिए गए हैं जब राज्यभर में बिजली ट्रिपिंग और मरम्मत कार्यों को लेकर आम जनता में रोष है। ऊर्जा मंत्री का यह रुख दर्शाता है कि अब बिजली व्यवस्था में सुशासन और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी जा रही है।









