उज्जैन। श्राद्ध पक्ष की सबसे बड़ी सर्वपितृ मोक्ष अमावस्या पर रविवार को उज्जैन में शिप्रा नदी किनारे श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। आस्था और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए लोग सिद्धनाथ, रामघाट, भूखी माता, गऊघाट, सिद्धवट, सोमतीर्थ और मंगलनाथ सहित विभिन्न घाटों पर पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने किया पिंडदान और तर्पण
इस दिन पितरों की शांति के लिए श्रद्धालु पिंडदान, तर्पण और जलांजलि करते हैं। माना जाता है कि इस दिन स्नान और पूजा-पाठ करने से प्रेतबाधा से मुक्ति मिलती है।
सुबह 4 बजे से सिद्धनाथ-सिद्धवट पर समस्त पुजारी और तीर्थ पुरोहितों ने श्रद्धालुओं के पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए दुग्धाभिषेक किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पिंडदान, तर्पण और भगवान सिद्धनाथ को दूध अर्पण करने का क्रम शुरू किया।
सुरक्षा व्यवस्था भी दुरुस्त
घाटों पर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। इस दौरान एसडीईआरएफ और होमगार्ड के जवान तैनात थे, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपने धार्मिक कृत्य संपन्न कर सकें।













