निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के रीवा जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो मोबाइल चोरी कर लोगों के बैंक खातों को खाली कर देता था। सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस ने इस पूरे नेटवर्क पर नजर रखनी शुरू की, जिसके बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
झारखंड से आकर करते थे वारदात
गिरफ्तार आरोपी राजा कुमार महतो और शेखर यादव झारखंड के साहिबगंज के रहने वाले हैं। ये आरोपी लंबी दूरी तय कर रीवा, सतना और आसपास के इलाकों में पहुंचते थे और भीड़भाड़ वाले स्थानों को अपना निशाना बनाते थे।
मोबाइल चोरी के बाद अपनाते थे यह तरीका
आरोपी सिर्फ मोबाइल चोरी तक सीमित नहीं रहते थे, बल्कि इसके जरिए डिजिटल ठगी को अंजाम देते थे।
- मोबाइल मिलने के बाद उसमें मौजूद गूगल अकाउंट की जानकारी निकालते
- “फॉरगेट पासवर्ड” विकल्प का इस्तेमाल कर बैंकिंग ऐप्स का एक्सेस लेते
- पेटीएम, गूगल पे जैसे प्लेटफॉर्म से पैसे ट्रांसफर करते
- ठगी के बाद मोबाइल को चलती ट्रेन से फेंककर सबूत मिटा देते थे
पुलिस की सतर्कता से गिरफ्तारी
लगातार बढ़ती घटनाओं के बाद पुलिस ने निगरानी बढ़ाई और संदिग्ध गतिविधियों पर फोकस किया। इसी दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। तलाशी में उनके पास से चार चोरी के मोबाइल फोन भी बरामद हुए हैं।
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पुलिस का बयान
थाना प्रभारी निशा मिश्रा ने बताया कि यह गिरोह तकनीकी जानकारी का गलत फायदा उठाकर लोगों के खातों से पैसे निकालता था। आरोपी भले ही कम पढ़े-लिखे हों, लेकिन ठगी के तरीके बेहद चालाकी भरे थे।
आम लोगों के लिए चेतावनी
यह मामला बताता है कि मोबाइल सुरक्षा में लापरवाही भारी पड़ सकती है।
- मोबाइल में मजबूत पासवर्ड रखें
- बैंकिंग ऐप्स में अतिरिक्त सुरक्षा (2FA) चालू रखें
- मोबाइल चोरी होने पर तुरंत ब्लॉक और शिकायत करें
जांच जारी
फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने और किन-किन जगहों पर वारदात को अंजाम दिया है। आने वाले दिनों में और खुलासे हो सकते हैं।











