निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश सरकार ने कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक अहम प्रशासनिक फैसला लिया है। राज्य के कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को अलग-अलग संभागों का प्रभार सौंपा गया है। इस कदम से संभाग स्तर पर पुलिस व्यवस्था की निगरानी और समीक्षा को और प्रभावी बनाया जाएगा।
किन अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
इस नई व्यवस्था के तहत एडीजी राजा बाबू सिंह को शहडोल संभाग की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, डीजी जेल वरुण कपूर को भोपाल संभाग का प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा स्पेशल डीजी जेल उपेंद्र कुमार को उज्जैन संभाग की कमान दी गई है।

सरकार ने भोपाल, उज्जैन, चंबल, जबलपुर, नर्मदापुरम, सागर और शहडोल जैसे महत्वपूर्ण संभागों में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती कर दी है, जिससे कानून-व्यवस्था पर सीधा नियंत्रण रखा जा सके।
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संभाग स्तर पर होगी सख्त निगरानी
इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रत्येक संभाग में पुलिस कार्यों की नियमित समीक्षा हो सके और अपराध नियंत्रण में तेजी लाई जा सके। वरिष्ठ अधिकारी अपने-अपने संभागों में जाकर जमीनी स्तर पर स्थिति का आकलन करेंगे और आवश्यक दिशा-निर्देश देंगे।
कौन हैं राजा बाबू सिंह
राजा बाबू सिंह मध्यप्रदेश कैडर के 1994 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 11 जुलाई 1967 को उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में हुआ था। उन्होंने एमए तक शिक्षा प्राप्त की और 1993 में यूपीएससी परीक्षा पास कर 6 सितंबर 1994 को आईपीएस सेवा में शामिल हुए।
हाल ही में वे सीमा सुरक्षा बल (BSF) में डेपुटेशन पूरा कर मध्यप्रदेश लौटे थे और एडीजी ट्रेनिंग के पद पर कार्यरत थे। अब उन्हें शहडोल संभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासन की बड़ी रणनीति
सरकार का मानना है कि अनुभवी अधिकारियों को संभागीय स्तर पर जिम्मेदारी देने से अपराधों पर नियंत्रण, पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार और जनता की शिकायतों के त्वरित समाधान में मदद मिलेगी।









