उज्जैन : आज मंगलवार तड़के श्री महाकालेश्वर मंदिर में संपन्न महाकाल भस्म आरती 25 नवंबर 2025 का दृश्य भक्तिमय आस्था से सराबोर दिखाई दिया। भोर के चार बजते ही पूरा परिसर “हर-हर महादेव” के गगनभेदी जयघोष से गुंजायमान हो उठा। हजारों श्रद्धालुओं ने सुबह-सुबह भगवान महाकाल के दर्शन कर स्वयं को धन्य समझा। मंदिर में भक्ति, आध्यात्मिक शक्ति और परंपरा का ऐसा संगम देखने को मिला जिसने सभी को भावविभोर कर दिया।
वैदिक मंत्रों के साथ हुआ अभिषेक और शृंगार
मंगलवार की भस्म आरती विशेष वैदिक विधियों के साथ आयोजित की गई। आरती की शुरुआत भगवान महाकाल के शिवलिंग पर जल और पंचामृत अभिषेक से हुई। इसके बाद पवित्र भस्म से पारंपरिक अभिषेक कर शृंगार संपन्न किया गया। पुजारियों द्वारा रुद्राष्टक, रुद्रपाठ और शिव तांडव स्तोत्र के उच्चारण से वातावरण दिव्यता से भर उठा। मंदिर के गर्भगृह से प्रसारित आध्यात्मिक ऊर्जा ने भक्तों को अद्वितीय शांति और आनंद का अनुभव कराया।
देशभर से पहुंचे शिवभक्त
महाकाल की भस्म आरती का महत्व ऐसा है कि देश के कोने-कोने से श्रद्धालु इसे देखने उज्जैन पहुंचते हैं। इस बार भी मध्य प्रदेश के अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक सहित कई राज्यों से बड़ी संख्या में शिवभक्त आए। कई श्रद्धालु बीते सोमवार देर रात से ही लाइन में लग गए थे ताकि उन्हें आरती के दौरान पहली कतार में बैठकर भगवान महाकाल का दर्शन करने का सौभाग्य मिल सके। मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएँ कीं।
ऑनलाइन लाइव दर्शन ने बढ़ाया भक्तों का उत्साह
जो भक्त उज्जैन नहीं आ सके, उन्होंने भी इस पावन क्षण को मिस नहीं किया। महाकाल मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट और यूट्यूब चैनल पर भस्म आरती का सीधा प्रसारण किया गया। लाखों भक्तों ने ऑनलाइन जुड़कर घर बैठे ही भगवान महाकाल के दर्शन किए और मनोकामनाएँ व्यक्त कीं। डिजिटल माध्यम से दर्शन की सुविधा ने देश-विदेश में रहने वाले भक्तों को भी इस दिव्य आरती का हिस्सा बनने का अवसर दिया।













