MP News: 20 साल की नौकरी में इतनी संपत्ति कैसे? समिति प्रबंधक के यहां लोकायुक्त की छापेमारी

Anuj Nirala

MP News: मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर लोकायुक्त की टीम ने आदिम जाति सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। नालछा समिति में पदस्थ प्रबंधक के सोडपुर, नालछा और मांडव स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई। लोकायुक्त की शुरुआती जांच में करीब 2 करोड़ 41 लाख रुपये की संपत्ति का पता चला है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रबंधक की वैध आय और संपत्ति के बीच बड़ा अंतर सामने आया है।

20 साल की नौकरी में 65 लाख वेतन, खर्च 2.41 करोड़

लोकायुक्त को शिकायत मिली थी कि शेरसिंह ठाकुर ने नौकरी के दौरान अपनी ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। जांच के मुताबिक, करीब 20 साल के सेवाकाल में उन्हें लगभग 65 लाख रुपये वेतन मिला, जबकि उनकी संपत्ति और खर्च का आकलन करीब 2.41 करोड़ रुपये किया गया है।

Read More: MP Cabinet Decisions 2026: विकास और बुनियादी ढांचे के लिए 23 हजार 300 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को हरी झंडी

लोकायुक्त के अनुसार, शुरुआती आकलन में संपत्ति आय से लगभग 271 प्रतिशत अधिक पाई गई है। हालांकि, छापेमारी के दौरान मिले दस्तावेजों और संपत्तियों का विस्तृत सत्यापन अभी जारी है।

आलीशान मकान से लेकर JCB और ट्रैक्टर तक मिले

छापेमारी के दौरान अधिकारियों को कई संपत्तियों और वाहनों की जानकारी मिली है। इनमें शामिल हैं:

सोडपुर में करीब 2,400 वर्गफीट का दो मंजिला मकान।

नालछा में व्यावसायिक भवन।

पत्नी कविता ठाकुर के नाम पर तीन हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि।

JCB मशीन और ट्रैक्टर।TUV कार और बुलेट मोटरसाइकिल।कृषि कार्य में इस्तेमाल होने वाली अन्य मशीनें और ट्रॉलियां।लोकायुक्त को एक कथित बेनामी संपत्ति का भी पता चला है। इसकी वास्तविक स्थिति और स्वामित्व की जांच की जा रही है।

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त ने शेरसिंह ठाकुर के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के नेतृत्व में अलग-अलग टीमों ने तीनों ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

Read More: Indore Jewellery Fraud Case: तुकोगंज में नकली चेन को असली बताकर सोने की चेन ले उड़ीं दो महिलाएं

दस्तावेजों और संपत्तियों का मूल्यांकन जारी

अधिकारियों के मुताबिक, तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, कृषि मशीनों, ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों के स्वामित्व की जांच की जा रही है। इन संपत्तियों की वास्तविक कीमत का आकलन भी किया जाएगा। इसके बाद आय और संपत्ति के अनुपात का विस्तृत हिसाब तैयार होगा।फिलहाल लोकायुक्त की कार्रवाई जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि प्रबंधक के पास मिली संपत्तियों में से कितनी वैध आय से अर्जित की गई हैं और कितनी अनुपातहीन संपत्ति की श्रेणी में आती हैं।

Share The News
Share This Article
1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *