भोपाल। MP Cabinet Approves 23300 Crore: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए कई ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार ने प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, पर्यावरण संतुलन बनाने और विकास कार्यों को गति देने के लिए 23 हजार 300 करोड़ रुपये से अधिक के वित्तीय प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान कर दी है।
कैबिनेट ने वनों के संवर्धन एवं वन्यजीव संरक्षण कार्यों के लिए वन विभाग की 9 प्रमुख विद्यमान योजनाओं के निरंतर संचालन के लिए 17,240 करोड़ 55 लाख रुपये की विशाल राशि स्वीकृत की है। यह वित्तीय स्वीकृति 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए दी गई है। इसमें से सर्वाधिक 10,664 करोड़ 79 लाख रुपये कार्यकारी योजना संगठन एवं वन वृत्तों की स्थापना पर व्यय किए जाएंगे। इसके अलावा क्षतिपूर्ति वनीकरण योजना हेतु 1,994 करोड़ 30 लाख रुपये, राष्ट्रीय उद्यानों की स्थापना हेतु 1,623 करोड़ 79 लाख रुपये, इमारती लकड़ी उत्पादन हेतु 1,107 करोड़ 6 लाख रुपये तथा जू एवं रेस्क्यू सेंटर स्थापना के लिए 604 करोड़ 23 लाख रुपये का विशेष प्रावधान रखा गया है।
कृषि और सिंचाई क्षमता के विस्तार के लिए पन्ना, विदिशा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली और उज्जैन जिलों की सिंचाई परियोजनाओं के संचालन हेतु 4103 करोड़ 73 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। पन्ना की मझगांव मध्यम परियोजना के लिए 69 करोड़ 36 लाख रुपये मंजूर हुए हैं, जिससे 13,060 हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली विकसित होगी। विदिशा की टेम मध्यम सिंचाई परियोजना हेतु 277 करोड़ 52 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जो 12,814 हेक्टेयर कृषि भूमि को पानी देगी। मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में 1,20,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई के लिए निर्माणाधीन सीतापुर हनुमना माइक्रो सिंचाई परियोजना के संचालन व संधारण हेतु 3,620 करोड़ 82 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। वहीं उज्जैन की शिप्रा नदी को वर्ष भर निरंतर प्रवाहमान बनाए रखने के लिए सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना हेतु 136 करोड़ 3 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं।
नगरीय विकास और जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री नगरीय क्षेत्र अधोसंरचना निर्माण योजना’ का 1 अप्रैल 2027 से 31 मार्च 2029 तक 2 वर्ष के लिए विस्तार करते हुए 700 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की गई है। इस योजना के माध्यम से नगरीय निकायों द्वारा पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, सड़क, नाली निर्माण, श्मशान घाट, सामुदायिक भवन और रैन बसेरों का विकास किया जाता है। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर 500 करोड़ रुपये तक के अतिरिक्त प्रस्तावों को भी स्वीकृत करने का प्रावधान रखा गया है।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए ‘उद्योग निवेश संवर्धन सहायता योजना’ को 2026 से 2031 तक निरंतर रखने के लिए 610 करोड़ 51 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त लोकायुक्त संगठन के 16वें वित्त आयोग की अवधि में सुचारू संचालन के लिए 573 करोड़ 85 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के लिए जबलपुर स्थित राजा शंकर शाह-कुंवर रघुनाथ शाह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय के संचालन हेतु सहायक अनुसंधान अधिकारी का एक नियमित पद और 83 लाख 18 हजार रुपये के वार्षिक व्यय को भी हरी झंडी दी गई है।