रायपुर। Nishaanebaz.com-CG Teacher Leave Rules Update: छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग में अधिकारियों और शिक्षकों के लिए मनमर्जी और ‘जुगाड़’ से छुट्टी लेने का पुराना सिस्टम अब पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। विभाग के नए आदेश के तहत अब कोई भी अधिकारी, शिक्षक या कर्मचारी कागज पर ऑफलाइन आवेदन लिखकर छुट्टी नहीं ले सकेगा। इसके लिए उन्हें अनिवार्य रूप से HRIMS (मानव संसाधन प्रबंधन सूचना प्रणाली) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) ने इसको लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए आदेश जारी किया है, जिसमें साफ कहा गया है कि ऑफलाइन अवकाश आवेदन अब पूरी तरह से अमान्य होंगे।
जून में जारी आदेश की अनदेखी पर फिर निकाला सख्त फरमान
दरअसल, स्कूल शिक्षा विभाग ने जून 2026 में ही सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि छुट्टी का आवेदन करने और उसकी स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया केवल ऑनलाइन HRIMS पोर्टल के माध्यम से ही होगी। हालांकि, इसके बावजूद कई जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) इस आदेश की अनदेखी कर रहे थे। शिक्षक आज भी कागजों पर आवेदन दे रहे थे और अधिकारी उस पर हस्ताक्षर कर छुट्टी मंजूर कर रहे थे।
जब यह मामला लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) तक पहुंचा, तो संचालनालय ने सख्त लहजे में दोबारा नया आदेश जारी किया। आदेश में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि:
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जिला और ब्लॉक स्तर पर किसी भी स्थिति में ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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यदि किसी अधिकारी ने ऑफलाइन आवेदन पर छुट्टी मंजूर की, तो वह मंजूरी स्वतः अमान्य मानी जाएगी।
पहले और अब में क्या बदला?
पूर्व में लागू व्यवस्था में ऑनलाइन HRIMS पोर्टल तो शुरू कर दिया गया था, लेकिन साथ ही ऑफलाइन आवेदन का विकल्प भी खुला रखा गया था। अधिकारी और कर्मचारी इसी ढील का फायदा उठा रहे थे। अब जारी हुए नए फरमान के तहत ऑफलाइन सिस्टम को पूरी तरह बैन कर दिया गया है। भविष्य में केवल HRIMS पोर्टल पर पंजीकृत और स्वीकृत अवकाश ही सेवा रिकॉर्ड में मान्य माना जाएगा।
शिक्षक संगठन ने जताया विरोध, रखी ये मांग
विभाग के इस सख्त फरमान के बाद शिक्षक संगठनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा का कहना है कि:
“एचआरआईएमएस (HRIMS) पोर्टल में अक्सर गंभीर तकनीकी दिक्कतें और सर्वर डाउन की समस्या आती है। राज्य के दूरस्थ व वनांचल क्षेत्रों में नेटवर्क की भारी समस्या रहती है, जिससे आवेदन समय पर अपलोड नहीं हो पाता और सक्षम अधिकारियों तक नहीं पहुंच पाता। इससे शिक्षकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, इसलिए पोर्टल के सुचारू होने तक ऑफलाइन आवेदन का विकल्प भी जारी रखा जाना चाहिए।”
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस पारदर्शी व्यवस्था से स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित होगी और बिना सूचना अनुपस्थित रहने की प्रथा पर अंकुश लगेगा। सभी DEO को आदेश का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।