Nishaanebaz News Desk-Bhopal Vidisha Four Lane Road: मध्य प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। भोपाल-विदिशा फोरलेन सड़क परियोजना का प्रस्ताव 11 अगस्त को होने वाली कैबिनेट बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा। करीब 1,757 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत मौजूदा 44.83 किलोमीटर लंबी दो लेन सड़क को फोरलेन में अपग्रेड किया जाएगा।परियोजना के पूरा होने से भोपाल, रायसेन और विदिशा के बीच आवागमन आसान होने के साथ ही सांची समेत आसपास के प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच भी बेहतर होने की उम्मीद है।
भोपाल-विदिशा मार्ग को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा। प्रस्तावित सड़क भोपाल के अयोध्या बायपास स्थित भानपुर टी-जंक्शन से शुरू होकर सूखी सेवनिया, दीवानगंज और सलामतपुर होते हुए NH-146 के सांची-सलामतपुर जंक्शन तक जाएगी।यह मार्ग तीन जिलों को जोड़ने वाली महत्वपूर्ण सड़क है। फोरलेन बनने के बाद इस रूट पर यातायात की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को पहले की तुलना में अधिक सुगम सफर मिलने की उम्मीद है।
तीन बायपास से कम होगा ट्रैफिक का दबाव
परियोजना में कुल 8.25 किलोमीटर के तीन बायपास भी प्रस्तावित हैं। इनमें—
- सूखी सेवनिया बायपास – 1.80 किमी
- बेरखेड़ी बायपास – 1.35 किमी
- सलामतपुर बायपास – 5.10 किमी
शामिल हैं।
इन बायपासों का उद्देश्य आबादी वाले इलाकों से भारी और तेज यातायात को बाहर निकालना है। इससे स्थानीय क्षेत्रों में ट्रैफिक का दबाव कम होने और सड़क सुरक्षा बेहतर होने की उम्मीद है।
सांची और विदिशा के पर्यटन को मिलेगा फायदा
भोपाल-विदिशा मार्ग केवल रोजाना आवागमन के लिहाज से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि पर्यटन के लिए भी इसकी अहम भूमिका है। इस रूट के आसपास सांची स्तूप, संग्रहालय, अशोक स्तंभ और उदयगिरि की गुफाएं जैसे ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल मौजूद हैं।बेहतर सड़क संपर्क होने से भोपाल से सांची और विदिशा की यात्रा आसान हो सकती है। इससे होटल, परिवहन, स्थानीय कारोबार, गाइड सेवाओं और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
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भोपाल-कानपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर से भी जुड़ेगा
यह सड़क प्रस्तावित भोपाल-कानपुर हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के तौर पर भी काम कर सकती है। वहीं रायसेन, सांची और विदिशा के आसपास विकसित हो रहे नए फोरलेन मार्गों से जुड़कर यह परियोजना मध्य प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्से की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मदद करेगी।
CM मोहन यादव का फोकस, कनेक्टिविटी से रोजगार तक
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी को विकास की प्राथमिकताओं से जोड़ते हुए कहा है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से केवल यात्रा आसान नहीं होती, बल्कि निवेश, उद्योग, पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ते हैं।भोपाल और उज्जैन-इंदौर मेट्रोपोलिटन क्षेत्रों को आधुनिक सड़क नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में भी कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। सरकार का लक्ष्य शहरों के साथ छोटे कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ना है।अगर कैबिनेट से भोपाल-विदिशा फोरलेन परियोजना को मंजूरी मिलती है, तो प्रदेश के इस महत्वपूर्ण मार्ग के उन्नयन का रास्ता साफ हो जाएगा और परियोजना के अगले चरण में तेजी आने की उम्मीद है।

