दिल्ली | दिल्ली के लोगों के लिए जल्द ही एक बड़ी राहत की खबर आ सकती है। दिल्ली सरकार अपनी शराब नीति में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है, जिसके तहत राष्ट्रीय राजधानी में शराब के दाम, खासकर प्रीमियम ब्रांड्स के, पड़ोसी शहरों गुरुग्राम और फरीदाबाद के बराबर या उनसे भी कम किए जाएंगे।
क्यों हो रहा है बदलाव?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम मुख्य रूप से राजस्व बढ़ाने के लिए उठाया जा रहा है। वर्तमान में दिल्ली में प्रीमियम शराब की कीमतें NCR (नेशनल कैपिटल रीजन) के अन्य शहरों के मुकाबले काफी ज्यादा हैं।
- उदाहरण: ब्लैक लेबल व्हिस्की दिल्ली में जहाँ ₹3,500 की मिलती है, वहीं गुरुग्राम में यह मात्र ₹2,400 में उपलब्ध है।
- परिणाम: इस अंतर के कारण दिल्लीवासी सस्ती शराब खरीदने के लिए बड़ी संख्या में गुरुग्राम और फरीदाबाद का रुख कर रहे हैं, जिससे दिल्ली सरकार का राजस्व पिछले कुछ सालों से गिर रहा है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि अगले एक महीने के भीतर इस नई नीति का ड्राफ्ट तैयार हो जाएगा।
महंगा क्यों है दिल्ली में प्रीमियम ब्रांड?
दिल्ली सरकार ने शराब की कीमतों पर एक फिक्स रिटेल मार्जिन तय किया हुआ है—भारतीय शराब पर ₹50 और विदेशी शराब पर ₹100 का फिक्स मार्जिन। यह निश्चित रकम हर बोतल की कीमत में जुड़ जाती है।
- इसके विपरीत, गुरुग्राम जैसे शहरों में दुकानदार अपनी मर्जी से कीमतें और छूट तय करते हैं, जिससे प्रीमियम ब्रांड्स काफी सस्ते हो जाते हैं।
- दिल्ली में यह फिक्स मार्जिन ही प्रीमियम ब्रांड्स की कीमतों को ऊपर रखता है और उनकी बिक्री कम कर देता है।
नए बदलाव का उद्देश्य रिटेल मार्जिन को सही तरीके से सेट करना है, ताकि कीमतें पड़ोसी शहरों से मुकाबला कर सकें और बिक्री बढ़े।
सरकार की आमदनी बढ़ाने की योजना
पिछले तीन सालों से दिल्ली में प्रीमियम ब्रांड्स की कमी भी एक बड़ी समस्या रही है। अब सरकार की योजना है कि:
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- रिटेल मार्जिन को एडजस्ट किया जाए।
- सभी दुकानों पर लोकप्रिय प्रीमियम ब्रांड्स की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
- निजी शराब की दुकानें फिर से खोली जा सकती हैं, जैसा कि नवंबर 2021 से पहले होता था।
सरकार को उम्मीद है कि इन बदलावों से न सिर्फ उपभोक्ताओं को गुरुग्राम या फरीदाबाद जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि दिल्ली सरकार की आमदनी भी बढ़ेगी और शराब की बिक्री में इजाफा होगा।











