Kithore Menstrual Path : शाजापुर (किशोर नाथ राजगुरु)। मोहन बड़ोदिया जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम किठौर में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। यहां ग्रामीणों को अपनों के अंतिम संस्कार के लिए भी कड़े संघर्ष से गुजरना पड़ रहा है। गांव में श्मशान शेड तो बना है, लेकिन वहां तक पहुँचने के लिए कोई वैधानिक रास्ता नहीं है, जिसके चलते ग्रामीणों को निजी खेतों की खड़ी फसलों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।
खड़ी फसल के बीच से निकली नारायण सिंह की अंतिम यात्रा ताजा मामला शुक्रवार का है, जब ग्रामीण नारायण सिंह मालवीय की अंतिम यात्रा निकाली गई। श्मशान तक रास्ता न होने के कारण अर्थी को कंधा देने वाले लोगों को खड़ी फसलों के बीच से पैदल चलकर श्मशान तक पहुँचना पड़ा। ग्रामीण संजय मावलिया, राजेश गोयल और अर्जुन सोंगरा का आरोप है कि श्मशान मार्ग की जमीन पर कुछ प्रभावशाली लोगों ने तार फेंसिंग कर अवैध कब्जा कर रखा है, जिससे बारिश के दिनों में स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
मंत्री के आदेशों को ठेंगा दिखा रहे अधिकारी ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पूर्व में आयोजित एक चौपाल के दौरान क्षेत्र के विधायक और वर्तमान उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को इस समस्या से रूबरू कराया था। मंत्री परमार ने अधिकारियों को तत्काल मौका मुआयना कर रास्ता चालू करने के सख्त निर्देश दिए थे। लेकिन विडंबना देखिए कि मंत्री के आदेश के हफ्तों बाद भी धरातल पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।
प्रशासन की सफाई और ग्रामीणों का अल्टीमेटम इस पूरे मामले पर तहसीलदार रितेश जोशी का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है। कुछ लोगों द्वारा तार फेंसिंग किए जाने से बाधा उत्पन्न हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि तहसील स्तर पर प्रकरण अंतिम चरण में है और एक-दो दिन में आदेश जारी कर रास्ता खुलवा दिया जाएगा।
वहीं, दूसरी ओर गांव वालों का सब्र अब जवाब दे रहा है। ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही श्मशान मार्ग से अतिक्रमण हटाकर पक्का रास्ता नहीं बनाया गया, तो वे जिला कलेक्ट्रेट का घेराव कर धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।











