Sunday, September 6, 2026
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Dewas Patwari Protest: पटवारी संघ का फूटा गुस्सा: एसडीएम पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई का आरोप, बहाली के लिए तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

Dewas Patwari Protest: देवास। जिले के खातेगांव और कन्नौद अनुभाग में राजस्व विभाग के भीतर प्रशासनिक टकराव बेहद तेज हो गया है। कन्नौद में पदस्थ पटवारी अतुल पुरोहित को निलंबित किए जाने के विरोध में गुरुवार को खातेगांव पटवारी संघ पूरी तरह लामबंद हो गया। पटवारियों ने कन्नौद के अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) कन्हैया लाल तिलवारे पर विधि विरुद्ध और द्वेषपूर्ण भावना से कार्रवाई करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। अपनी मांगों को लेकर पटवारी संघ ने देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह के नाम एक ज्ञापन खातेगांव तहसीलदार अंजली गुप्ता को सौंपा है। पटवारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर निलंबन वापस नहीं लिया गया, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन होगा।

एसडीएम पर लगाए गंभीर और द्वेषपूर्ण आरोप

तहसील कार्यालय परिसर में ज्ञापन का वाचन करते हुए वरिष्ठ पटवारी सतीश शर्मा ने कन्नौद एसडीएम कन्हैया लाल तिलवारे की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि पटवारी अतुल पुरोहित को पूरी तरह मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के उद्देश्य से निलंबित किया गया है। पटवारी संघ ने प्रशासन को दो दिन का समय देते हुए दो टूक शब्दों में कहा है कि यदि पटवारी पुरोहित का निलंबन सशर्त वापस नहीं लिया जाता है, तो आगामी 8 जून सोमवार से संबंधित तहसील सहित देवास जिले के समस्त पटवारी सामूहिक रूप से कलम बंद हड़ताल पर चले जाएंगे। इस आंदोलन से होने वाली तमाम अव्यवस्था की जिम्मेदारी सीधे शासन और प्रशासन की होगी।

खनन की सूचना देने के बावजूद हुई कार्रवाई

खातेगांव पटवारी संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश कर्मा ने निलंबन की पूरी प्रक्रिया को अवैध ठहराते हुए मामले की असलियत उजागर की। उन्होंने बताया कि एसडीएम ने गत 2 जून को पटवारी अतुल पुरोहित को निलंबित करने का आदेश जारी किया था। प्रशासन ने निलंबन का मुख्य कारण शासकीय नदी में हो रहे अवैध खनन की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को न देना बताया है। इसके विपरीत, सच्चाई यह है कि पटवारी अतुल पुरोहित ने बीते 12 मई को ही उक्त खनन स्थल का निरीक्षण खुद तहसीलदार महोदय को साथ ले जाकर किया था। इस निरीक्षण की लिखित सूचना और मौके के छायाचित्र भी उसी दिन तहसील कार्यालय के आधिकारिक ग्रुप पर साझा किए गए थे।

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व्हाट्सएप पर नोटिस भेजकर तुरंत मांगा जवाब

पटवारी संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब पटवारी पहले ही अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर चुके थे, तो फिर दुर्भावना के तहत 26 मई को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया गया। यह नोटिस भी पटवारी पुरोहित को 30 मई को व्हाट्सएप के माध्यम से प्राप्त हुआ और उन्हें तत्काल जवाब प्रस्तुत करने का दबाव बनाया गया। संघ का आरोप है कि उचित समय दिए बिना और तथ्यों को नजरअंदाज कर यह निलंबन आदेश जारी किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि यह कार्रवाई किसी नियम के तहत नहीं बल्कि निजी द्वेष के चलते की गई है।

तहसीलदार ने लिया ज्ञापन, पटवारियों को दिया भरोसा

शिकायत पत्र लेने के बाद खातेगांव तहसीलदार अंजली गुप्ता ने पटवारी संघ को आश्वस्त किया कि उनकी इस मांग और ज्ञापन को अविलंब देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह के समक्ष भेज दिया जाएगा। दूसरी ओर, पटवारी संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश कर्मा ने कहा कि जब तक उनके साथी को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन थमेगा नहीं। पटवारियों के इस कड़े रुख और 8 जून से होने वाली संभावित अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी के बाद अब पूरे देवास जिले के राजस्व अमले में हड़कंप मच गया है और प्रशासन पर इस विवाद को सुलझाने का भारी दबाव बन गया है।

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