Kuwait Airport Attack: शादी की खुशियाँ मातम में बदलीं: कुवैत एयरपोर्ट पर हुए हमले में उज्जैन के मंजूर अहमद की दर्दनाक मौत

VIKASH KHALKHO

Kuwait Airport Attack: उज्जैन। धार्मिक नगरी के एक मध्यवर्गीय परिवार के लिए खुशियों का माहौल अचानक उस समय गहरे मातम में तब्दील हो गया, जब सात समंदर पार से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर आई। यहाँ के राज रॉयल कॉलोनी निवासी 50 वर्षीय मंजूर अहमद की खाड़ी देश कुवैत के एयरपोर्ट पर हुए एक अचानक हमले की चपेट में आने से मौत हो गई। वह अपने भांजे की शादी में शामिल होने के लिए भारत वापस लौट रहे थे। पूरा परिवार घर पर पलकें बिछाए उनके स्वागत और निकाह की तैयारियों में जुटा हुआ था। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद से पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

कुवैत एयरपोर्ट पर टर्मिनल पर हुआ हमला

पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मंजूर अहमद की फ्लाइट कुवैत से सीधे मुंबई के लिए निर्धारित थी। वह भारतीय समयानुसार एयरपोर्ट के टर्मिनल पर सुरक्षित बैठकर अपनी उड़ान शुरू होने का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। इसी दौरान वहां अचानक एक हिंसक हमला हो गया, जिसकी सीधी ज़द में आने से मंजूर अहमद गंभीर रूप से घायल हो गए और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दिल दहला देने वाली घटना की पुष्टि होते ही उज्जैन में उनके निवास स्थान पर चीख-पुकार मच गई और रिश्तेदारों का ताँता लग गया।

30 वर्षों से परदेस में रहकर कर रहे थे खून-पसीना एक

दिवंगत मंजूर अहमद अपने पीछे पत्नी, दो बेटियों और एक बेटे का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। वह अपने घर के इकलौते कमाने वाले जिम्मेदार सदस्य थे, जिनके कंधों पर पूरे परिवार के भरण-पोषण की ज़िम्मेदारी थी। वह बच्चों के बेहतर भविष्य और उनकी उच्च शिक्षा के लिए पिछले करीब 30 वर्षों से खाड़ी देश में रहकर लगातार कड़ी मेहनत कर रहे थे। वह बीते वर्ष ही कुछ दिनों के लिए उज्जैन आए थे और जल्द दोबारा वापस लौटने का वादा करके गए थे, लेकिन किसे पता था कि यह उनकी आखिरी मुलाकात साबित होगी।

बेटे से आखिरी बातचीत में कही थी जल्द आने की बात

मृतक के बेटे मोहम्मद अनस ने रुंधे गले से बताया कि मंगलवार शाम को उनकी अपने पिता से फोन पर आखिरी बार लंबी बातचीत हुई थी। बातचीत के दौरान पिता ने बेहद खुश होते हुए कहा था कि वह कुछ ही घंटों में मुंबई पहुँचने वाले हैं और वहां से सीधे घर आकर शादी के जश्न में शामिल होंगे। इसके ठीक कुछ घंटों बाद आई इस मनहूस खबर ने पूरे हँसते-खेलते परिवार को पूरी तरह से तबाह कर दिया। बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है और कॉलोनी के हर नागरिक की आँखें इस हादसे से नम हैं।

Manmohan Nagar Hospital: मनमोहन नगर अस्पताल का होगा कायाकल्प, जल्द ‘सिविल अस्पताल’ के रूप में होगा अपग्रेड

पार्थिव शरीर को भारत लाने के प्रयास जारी

मंजूर अहमद का पूरा परिवार अब अपने मुखिया के पार्थिव शरीर को अंतिम विदाई देने के लिए भारत लाने की जटिल कानूनी प्रक्रिया में जुटा हुआ है। स्थानीय जिला प्रशासन और कुवैत स्थित भारतीय दूतावास के स्तर पर आवश्यक राजनयिक औपचारिकताएं तेजी से पूरी की जा रही हैं। मृतक के जीजा शकील अहमद और पुत्र मोहम्मद हसन ने केंद्र सरकार से शव को जल्द से जल्द उज्जैन भिजवाने की पुरजोर मांग की है ताकि धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ उनका अंतिम संस्कार गृहग्राम में संपन्न कराया जा सके।

Share The News
Share This Article
विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *