Kharora News : रोहित वर्मा/खरोरा : लोक आस्था और श्रद्धा का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ। नगर के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। शीतला तालाब स्थित छठ घाट पर महिलाओं और पुरुषों ने परंपरागत रूप से पूजा-अर्चना कर भगवान सूर्य और छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
छठ महापर्व के अवसर पर पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। महिलाओं ने संतान की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत रखे। व्रती महिलाओं ने 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखा और डूबते तथा उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। 27 अक्टूबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया, जबकि 28 अक्टूबर की प्रातःकालीन बेला में उगते सूर्य को दूसरा अर्घ्य अर्पित किया गया। शास्त्रों के अनुसार, छठ महापर्व के तीसरे दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को डूबते सूर्य की पूजा की जाती है और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन होता है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन में संतुलन, शक्ति और ऊर्जा का संचार होता है। छठ माता को सूर्यदेव की बहन माना जाता है, इसलिए हर वर्ष इस पर्व पर सूर्य देव और छठ माता दोनों की पूजा की जाती है। मां छठी को संतान की रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजित किया जाता है।
Kharora News : स्थानीय निवासी संजय सिंह ने बताया कि “छठ पर्व मुख्यतः पूर्वांचल और बिहार क्षेत्र का प्रमुख पर्व है, लेकिन अब यह छत्तीसगढ़ में भी बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाने लगा है। इस पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से होती है, इसके बाद खरना का आयोजन और अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन किया जाता है।”
वहीं पूनम सिंह ने कहा कि “छठी मैया की उपासना से संतान सुख, आरोग्य और परिवार की समृद्धि प्राप्त होती है। व्रती महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखती हैं और पूरी रात जागरण करते हुए भगवान सूर्य व छठी मैया की आराधना करती हैं।”
मंगलवार की सुबह जैसे ही सूर्य की पहली किरण घाट पर पड़ी, व्रतधारी महिलाएं जल में खड़ी होकर दूध, जल, फूल और फल अर्पित करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दीं। इसके साथ ही छठ महापर्व का शांतिपूर्ण समापन हुआ। घाटों पर आतिशबाजी और पारंपरिक गीतों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बन गया।
इस अवसर पर संजय सिंह, पूनम सिंह, पूनम अग्रवाल, अंजू पांडेय सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।













