Sunday, August 16, 2026
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Kharora News : उगते सूरज को अर्घ्य के साथ खरोरा में छठ महापर्व का समापन

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Kharora News : रोहित वर्मा/खरोरा : लोक आस्था और श्रद्धा का चार दिवसीय महापर्व छठ पूजा मंगलवार की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही विधि-विधानपूर्वक संपन्न हुआ। नगर के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। शीतला तालाब स्थित छठ घाट पर महिलाओं और पुरुषों ने परंपरागत रूप से पूजा-अर्चना कर भगवान सूर्य और छठी मैया से परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।

छठ महापर्व के अवसर पर पूरे नगर का वातावरण भक्तिमय बना रहा। महिलाओं ने संतान की लंबी आयु और परिवार की समृद्धि के लिए व्रत रखे। व्रती महिलाओं ने 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखा और डूबते तथा उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। 27 अक्टूबर को डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया, जबकि 28 अक्टूबर की प्रातःकालीन बेला में उगते सूर्य को दूसरा अर्घ्य अर्पित किया गया। शास्त्रों के अनुसार, छठ महापर्व के तीसरे दिन कार्तिक शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को डूबते सूर्य की पूजा की जाती है और चौथे दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन होता है।

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धार्मिक मान्यता के अनुसार, डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से जीवन में संतुलन, शक्ति और ऊर्जा का संचार होता है। छठ माता को सूर्यदेव की बहन माना जाता है, इसलिए हर वर्ष इस पर्व पर सूर्य देव और छठ माता दोनों की पूजा की जाती है। मां छठी को संतान की रक्षा करने वाली देवी के रूप में पूजित किया जाता है।

Kharora News : स्थानीय निवासी संजय सिंह ने बताया कि “छठ पर्व मुख्यतः पूर्वांचल और बिहार क्षेत्र का प्रमुख पर्व है, लेकिन अब यह छत्तीसगढ़ में भी बड़ी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाने लगा है। इस पूजा की शुरुआत नहाय-खाय से होती है, इसके बाद खरना का आयोजन और अंतिम दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन किया जाता है।”

वहीं पूनम सिंह ने कहा कि “छठी मैया की उपासना से संतान सुख, आरोग्य और परिवार की समृद्धि प्राप्त होती है। व्रती महिलाएं 36 घंटे तक निर्जला उपवास रखती हैं और पूरी रात जागरण करते हुए भगवान सूर्य व छठी मैया की आराधना करती हैं।”

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मंगलवार की सुबह जैसे ही सूर्य की पहली किरण घाट पर पड़ी, व्रतधारी महिलाएं जल में खड़ी होकर दूध, जल, फूल और फल अर्पित करते हुए सूर्य देव को अर्घ्य दीं। इसके साथ ही छठ महापर्व का शांतिपूर्ण समापन हुआ। घाटों पर आतिशबाजी और पारंपरिक गीतों की गूंज से वातावरण भक्तिमय बन गया।
इस अवसर पर संजय सिंह, पूनम सिंह, पूनम अग्रवाल, अंजू पांडेय सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।

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