Wednesday, June 3, 2026
36.7 C
Raipur

Kerala Hospital Negligence Case : केरल: डायलिसिस यूनिट बनी ‘डेथ ज़ोन’, इन्फेक्शन से दो की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन पर FIR।

Kerala Hospital Negligence Case : अलाप्पुझा (केरल): केरल के अलाप्पुझा जिले से चिकित्सा जगत को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ के एक सरकारी तालुक अस्पताल में डायलिसिस कराने के बाद दो मरीजों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में फैली गंदगी और लापरवाही के कारण मरीजों को जानलेवा संक्रमण हुआ। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अस्पताल के सुपरिटेंडेंट और डायलिसिस यूनिट के कर्मचारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया है।

घटना की शुरुआत 29 दिसंबर को हुई, जब हरिपाद निवासी रामचंद्रन (60) और कायमकुलम निवासी मजीद डायलिसिस के लिए अस्पताल पहुँचे थे। परिजनों के अनुसार, डायलिसिस प्रक्रिया पूरी होने के कुछ ही देर बाद दोनों मरीजों की हालत बिगड़ने लगी। उन्हें तेज बुखार और दस्त की शिकायत हुई। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि मजीद ने 30 दिसंबर को ही दम तोड़ दिया, जबकि रामचंद्रन को इलाज के लिए मावेलिक्कारा के एक निजी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ 31 दिसंबर को उनकी भी मौत हो गई।

मृतक रामचंद्रन के परिवार ने पुलिस में दी अपनी शिकायत में अस्पताल प्रशासन पर सीधे तौर पर ‘क्रिमिनल नेग्लीजेन्स’ (आपराधिक लापरवाही) का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि डायलिसिस यूनिट में स्वच्छता के मानकों की घोर अनदेखी की जा रही थी। यूनिट में संक्रमण का खतरा इतना अधिक था कि वहाँ इलाज कराना मौत को दावत देने जैसा था। परिजनों का दावा है कि अस्पताल स्टाफ और सुपरिटेंडेंट इस खतरे से वाकिफ थे, लेकिन उन्होंने मरीजों की जान जोखिम में डालते हुए इसे नजरअंदाज किया।

हरिपाद पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125 (दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना) और धारा 106 (1) (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शुरुआती जांच में यूनिट की साफ-सफाई और उपकरणों के रखरखाव पर सवाल उठे हैं। फिलहाल अस्पताल के रिकॉर्ड और डायलिसिस के लिए इस्तेमाल किए गए फ्लुइड्स की जांच की जा रही है ताकि संक्रमण के सटीक स्रोत का पता लगाया जा सके।

इस घटना के बाद से पूरे इलाके में स्वास्थ्य व्यवस्था के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में सरकारी अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही न दोहराई जाए। स्वास्थ्य विभाग ने भी आंतरिक जांच के आदेश दिए हैं, और रिपोर्ट आने तक यूनिट के कुछ ऑपरेशन्स पर रोक लगा दी गई है।

Share The News

Unable to load videos.

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories