Jashpur Police Ganja Smuggling : जशपुर (03 मार्च 2026): छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में नशे के खिलाफ जारी अभियान के दौरान पुलिस ने अपने ही विभाग के भीतर छिपे ‘भेड़ियों’ का पर्दाफाश किया है। एसएसपी लाल उमेद सिंह के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने गांजा तस्करी के आरोप में दो सगे आरक्षकों सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब गांजा के साथ पकड़े गए आरोपियों ने तस्करी में पुलिसकर्मियों के शामिल होने का सनसनीखेज खुलासा किया।
किराए के मकान से शुरू हुई कड़ियां मामले की शुरुआत 28 फरवरी को हुई, जब पुलिस को सूचना मिली कि विवेकानंद कॉलोनी में रवि विश्वकर्मा नामक व्यक्ति किराए के मकान में गांजा बेच रहा है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने रवि को गिरफ्तार किया और उसके पास से 24 पैकेट गांजा बरामद किया। पूछताछ में रवि ने बताया कि यह गांजा उसे गोविंद उर्फ सुनील भगत ने पैसे के लालच में रखने के लिए दिया था।
आरक्षकों की संलिप्तता ने चौंकाया जब पुलिस ने गोविंद को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने तस्करी के इस खेल के असली खिलाड़ियों के नाम बताए। उसने खुलासा किया कि थाना तपकरा में पदस्थ आरक्षक धीरेंद्र मधुकर (37 वर्ष) और आरक्षक अमित त्रिपाठी (35 वर्ष) तस्करी के मुख्य सूत्रधार थे। ये दोनों आरक्षक वर्दी की आड़ में गांजा तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे।
SSP ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश मामले की गंभीरता और विभाग की छवि पर उठते सवालों को देखते हुए एसएसपी लाल उमेद सिंह ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने भ्रष्टाचार और अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए दोनों आरक्षकों को तुरंत गिरफ्तार करने के आदेश दिए। कोतवाली पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।











