Jaggery Manufacturing Training : कृष्णा नायक/सुकमा : प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग और ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन एवं डीएफओ अक्षय कुमार भोंसले के मार्गदर्शन में सुकमा जिले में छिंद गुड़ ( डेट पॉम जैगरी) निर्माण प्रशिक्षण” कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह दो माह तक चलने वाला विशेष प्रशिक्षण वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के संयुक्त तत्वावधान में प्रारंभ किया गया है।
इस प्रशिक्षण में ग्रामीणों को छिंद पेड़ों से रस निकालने की पारंपरिक विधियों के साथ-साथ गुड़ निर्माण की वैज्ञानिक तकनीकें सिखाई जा रही हैं। कार्यक्रम के लिए दंतेवाड़ा से अनुभवी प्रशिक्षक को आमंत्रित किया गया है, जो प्रतिभागियों को छिंद रस के संग्रहण, प्रसंस्करण, स्वच्छता मानकों और गुड़ के विपणन संबंधी पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण कार्यक्रम आगामी दो महीनों में जिले के पांच ग्रामों पेरमारास, कंकापाल, साउतनार, कोर्रा एवं सामसेट्टी में क्रमवार रूप से आयोजित किया जाएगा।

Jaggery Manufacturing Training : इन ग्रामों में छिंद पेड़ों की प्राकृतिक प्रचुरता को ध्यान में रखते हुए स्थानीय समुदायों को इस पारंपरिक संसाधन से स्थायी आय का स्रोत विकसित करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है। इस परियोजना का समन्वय पीपीआईए फेलो अर्कजा कुठिआला द्वारा किया जा रहा है। कुठिआला ने बताया कि यह पहल न केवल ग्रामीण आय को बढ़ाएगी बल्कि पारंपरिक ज्ञान और स्थानीय संसाधनों के संरक्षण को भी प्रोत्साहित करेगी।













