multilevel parking : जबलपुर। जबलपुर हाईकोर्ट परिसर में प्रस्तावित मल्टीलेवल पार्किंग और आधुनिक लॉयर्स चैंबर के निर्माण में हो रही अत्यधिक देरी पर गुरुवार को हुई सुनवाई में डिवीजन बेंच ने वित्त विभाग पर कड़ा रुख अपनाया। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने इस मामले में राज्य सरकार के रवैये पर सख्त नाराजगी जाहिर की।
multilevel parking : मुख्यमंत्री के भूमिपूजन के बाद भी वित्तीय मंजूरी क्यों नहीं?
कोर्ट ने वित्त विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए पूछा कि जब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा 4 मई को इस महत्वपूर्ण परियोजना का भूमिपूजन किया जा चुका है और इसे छह माह पहले सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल चुकी है, तो अब तक व्यावहारिक वित्तीय मंजूरी क्यों नहीं दी गई? बेंच ने टिप्पणी करते हुए कहा कि “शीतकालीन सत्र शुरू होने वाला है और बाद में व्यस्तता का बहाना बनाया जाएगा, इसलिए फाइल को अब तक लंबित रखना उचित नहीं है।”
राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि 116 करोड़ रुपये की यह परियोजना फिलहाल वित्त समिति के पास विचाराधीन है और फंड की कोई कमी नहीं है। सरकार ने आश्वासन दिया कि प्रक्रिया जल्द ही पूरी कर ली जाएगी, लेकिन कोर्ट इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुआ। डिवीजन बेंच ने सख्त निर्देश दिया कि वित्त विभाग के चीफ सेक्रेटरी छह माह में विभाग द्वारा किए गए सभी आधिकारिक निर्णयों का पूरा विवरण प्रस्तुत करें, अन्यथा उन्हें समन जारी किया जा सकता है।
multilevel parking : पार्किंग समस्या से आमजन परेशान
याचिकाकर्ता दिनेश उपाध्याय, अधिवक्ता उच्च न्यायालय ने कोर्ट को अवगत कराया कि हाईकोर्ट रोड पर रोजाना भारी जाम लगता है, जिससे वकील और आम जनता दोनों परेशान हैं, और निर्माण में यह देरी सीधे तौर पर जनहित को प्रभावित कर रही है। कोर्ट ने कहा कि वह वित्तीय मामलों में सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इसलिए जब तक वित्त विभाग प्रक्रिया पूरी नहीं करता, तब तक टेंडर जारी करने का कोई औचित्य नहीं है। राज्य सरकार द्वारा समय मांगे जाने पर, कोर्ट ने सुनवाई को 17 दिसंबर तक के लिए टाल दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगली तारीख तक वित्त विभाग परियोजना को मंजूरी देकर निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा, जिससे हाईकोर्ट क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही पार्किंग समस्या का समाधान हो सकेगा।











